सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से एमपी के 1.5लाख शिक्षकों की नौकरी लगी दावपर, जानिए पूरा मामला

Madhya Pradesh news: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ढाई लाख से अधिक शिक्षकों के नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है। इन शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा देना जरूरी हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कई वर्षों का अनुभव होने के बाद भी शिक्षकों का टेट परीक्षा पास होना जरूरी है।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षकों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है।
आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि सरकारी हो या निजी, सभी प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले शिक्षकों को टीईटी परीक्षा पास करना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख और छत्तीसगढ़ के 75000 शिक्षकों की परेशानियां बढ़ गई है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कई शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा को पास नहीं किया ऐसे में इन सभी शिक्षकों की परेशानियां बढ़ने लगी है। वहीं शिक्षा संगठनों के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को मानव अधिकार का हनन बताया जा रहा है।
कोई ऐसे शिक्षक है जो इस परीक्षा को पास नहीं कर पाए हैं ऐसे में इन शिक्षकों की परेशानियां अब काफी ज्यादा बढ़ने लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि एक निर्धारित समय में शिक्षकों को इस परीक्षा को हर हाल में पास करना होगा।



















































