मध्यप्रदेश

जावरा-उज्जैन फोरलेन हाईवे के निर्माण हेतु इन लोगों पर होगी धन वर्षा, सरकार देगी प्रभावित लोगों को करोड़ों रुपए का मुआवजा

Jaora-Ujjain Fourlane Highway: रतलाम जिले के जावरा और उज्जैन के बीच जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन निर्माण को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। जानकारी के अनुसार इस हाइवे के निर्माण में शुरुआती देरी का कारण प्रभावितों का विरोध, राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक ढील-पोल मुख्य कारण रहा, लेकिन अब सिंहस्थ 2028 से पहले दिसंबर 2027 में ही इसे बनाने का लक्ष्य है। इसलिए पहले जो गलतियां हुई या ढील-पोल बरती गई, वो अब नहीं दोहराएंगे। शासन से समय पर प्रोजेक्ट कम्प्लीट करने की दो टूक के बाद अब कलेक्टर अजय कटेसरिया ने भी जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दे दिए हैं। इससे काम रफ्तार पकड़ेगा और सिंहस्थ से पहले कम्प्लीट होने की भी उम्मीद है।

जावरा उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर प्रभावित 1568 लोगों को मिलेगा करोड़ों रुपए का मुआवजा

जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में 1568 लोग प्रभावित हो रहे हैं, जिन्हें 460 करोड़ रुपए मुआवजा मिलेगा। इनमें से 1360 किसानों को 387 करोड़ रुपए आवंटित हो चुके हैं, जबकि 200 से अधिक किसानों ने विभिन्न कारणों से राशि नहीं ली। यही कारण है कि 98.73 किलोमीटर में से अब तक रोड निर्माता कंपनी को केवल 82 किलोमीटर हिस्से में ही साइट क्लीयरेंस मिला और वहां मुरमीकरण-समतलीकरण शुरू हुआ है। बाकी जगह कंपनी की टीम काम शुरू नहीं कर पा रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अब सरकार द्वारा बचे हुए लोगों को भी मुआवजा राशि आवंटित करने हेतु तैयारी शुरू कर दी गई है। जहां साइट क्लियर हो गई, वहां न केवल समतलीकरण शुरू हुआ बल्कि पुल-पुलियाओं के स्ट्रक्चर बनना भी प्रारंभ हो गए हैं। जावरा में ही दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे सर्कल के पास कैम्प में विभिन्न ब्रिज के सीमेंट-कंक्रीट गर्डर बनना शुरू हो गए। इन्हें क्रेन द्वारा रेडी पिलरों पर लॉन्च करेंगे।

2 किमी में धारा 11 का भी प्रकाशन बाकी, मुआवजा रुका

जावरा-उज्जैन ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के तहत 98.73 किमी में से 20.65 किमी रोड रतलाम में व 78.08 किमी उज्जैन जिले में बनेगी। उज्जैन शहर से लगा 10.7 किमी कनेक्टिंग रोड भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। कुल 62 गांवों-कस्बों की भूमि से यह फोरलेन निकलेगा। इनमें जावरा सहित 12 गांव रतलाम के हैं। जावरा में महू-नीमच हाईवे की तरफ 2 किमी में भू-अर्जन के लिए धारा 11 का प्रकाशन तक नहीं हुआ, जो सप्ताहभर में करने का दावा है। भूतेड़ा, उपलई, हुनखेड़ी के कुछ किसानों का मुआवजा अटका है। उज्जैन के मंगरोला, मोहनपुरा व सोड़ंग में तो किसान कोर्ट चले गए। बता दें कि सरकार सिंहस्थ महाकुंभ से पहले इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को पूरा कर आमजन के लिए इस हाइवे को शुरू करने की तैयारी कर रही है।

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