नाले में बही कार, 3 बच्चों समेत 9 की मौत:2 युवक तैरकर बाहर आए; पानी में डूबे अधूरे पुल को देख नहीं पाया ड्राइवर

राजगढ़ में ईको वैन नाले में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। दो युवकों ने तैरकर जान बचाई। हादसा पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना कस्बे में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे हुआ।
पुलिस के मुताबिक, ईको सवार सभी लोग देवास के सतवास में धांसड़ गांव के रहने वाले हैं। वे कड़लावद गांव जा रहे थे। कार मुकेश सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। वही कार चला रहा था। वह और हुकुम सिंह अस्पताल में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
पड़ाना के पास झिरी नाले पर 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। तेज बारिश की वजह से पानी पुल के ऊपर बह रहा है। कार ड्राइवर मुकेश को अधूरा पुल नहीं दिखा। उसने कार आगे बढ़ा दी, जो नाले में बह गई।
एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। SDERF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। टीआई राहुल रघुवंशी ने बताया कि इसमें कोई नहीं मिला।
हादसे में इनकी गई जान
- शंकर सिंह (50)
- सागरबाई पति शंकर सिंह
- रीनू (28) पति हुकुम सिंह
- राजवीर (3) पिता हुकुम सिंह
- जसप्रीत पिता हुकुम सिंह
- विशाल चौहान
- पूजा (27) पति विशाल चौहान
- रिशिका
- आनंद सिंह
हादसे के बाद की 3 तस्वीरें…

क्रेन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया।

वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी। इसके अंदर कोई शव नहीं मिला।

शवों को सारंगपुर अस्पताल पहुंचाया गया।
रोकने के बाद भी ड्राइवर ने पानी में बढ़ाई कार
प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र परमार ने बताया कि पुल पर पानी भरा था। हमने कार ड्राइवर को रोका। उसे कहा कि आगे घुटने तक पानी भरा है। गाड़ी मत निकालो, लेकिन वह नहीं माना। रोड पर रेलिंग नहीं होने की वजह से गाड़ी नाले में जा गिरी।
हादसे से बच निकले मुकेश और हुकुम सारंगपुर अस्पताल में भर्ती हैं। मुकेश ने कहा- हम सतवास के पास धांसड़ गांव से आ रहे थे। मेरी काकी को लकवा लगा है, जिन्हें इलाज के लिए कनावड़ धाम ले जा रहे थे। नाले में बाढ़ आई थी। गांव के लोगों ने आगे जाने से मना किया। हम रुक गए, करीब 15 मिनट तक इंतजार किया।
इसी बीच अंकल बोले कि आज नहीं पहुंचे तो पर्ची नहीं मिलेगी। कल फिर चक्कर काटना पड़ेगा। उनका बेटा विशाल भी यही बोला। दोनों ने मुझसे कहा, ‘चलो-चलो, निकाल लो।’ मैंने उनकी बात मानकर गाड़ी पानी में उतार दी।
















































