मध्यप्रदेश

एमपी में महेश्वर के पास जामघाट पर ब्रेक फेल, महाराष्ट्र के 51 स्टूडेंट्स से भरी बस खाई में लटकी, बाल-बाल बची जान

इंदौर. मध्य प्रदेश में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों के लिए कुख्यात जामघाट पर भीषण रोड एक्सीडेंट होते-होते बचा. ब्रेक फेल होने के कारण बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने लगी, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ से बस खाई में गिरने से बच गई. बस में सवार 51 स्टूडेंट्स की जान बची.

कोपरगांव विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण पर थे

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर (कोपरगांव) के एक विश्वविद्यालय से 51 छात्र-छात्राओं और शिक्षिका से भरी यात्री बस ओंकारेश्वर और आईआईटी इंदौर का शैक्षणिक भ्रमण करने के बाद महेश्वर जा रही थी. इसी दौरान जामघाट के खतरनाक मोड़ पर बस के ब्रेक फेल हो गए. बस बेकाबू हो गई. बस ढलान पर अनियंत्रित होकर घाट पर लगी लोहे की रेलिंग को तोड़ती हुई सीधे गहरी खाई की तरफ बढ़ी तो स्टूडेंट्स में चीख-पुकार मच गई. ऐन वक्त पर ड्राइवर ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को नियंत्रित करने की कोशिश की. मुश्किल से बस सड़क किनारे मौजूद पत्थरों के टीले से अटककर रुक गई.

ड्राइवर के साहस व सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

यदि यह टीला नहीं होता और ड्राइवर साहस और सूझबूझ नहीं दिखाता तो बस सीधे सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकती थी. बस का अगला हिस्सा खाई के ऊपर झुकते ही विद्यार्थियों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. हादसा देखकर आसपास मौजूद राहगीर और स्थानीय ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत मौके पर दौड़े सभी छात्र-छात्राओं को किसी तरह बस से निकाला.

ग्रामीणों ने इंमरजेंसी गेट खोल किया रेस्क्यू

गनीमत रही कि हादसे में किसी को खरोंच तक नहीं आई. देवदूत बनकर आए ग्रामीणों ने बिना देर किए बस का इमरजेंसी गेट खोला और एक-एक कर सभी 51 स्टूडेंट्स व शिक्षिका को सुरक्षित बाहर निकाला. मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी पुलिस बल और डायल 112 की टीम के साथ मौके पर पहुंचे. मंडलेश्वर व्यापारी संघ के अध्यक्ष भरत राठौड़ ने अपनी तीन फोर्स अर्बनिय गाडिय़ां घटनास्थल भेजीं. इसके बाद सभी घबराए हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित मंडलेश्वर माधव आश्रम गोशाला पहुंचाया गया. बस में सवार शिक्षिका सीमा ने बताया ब्रेक फेल होते ही सभी की सांसें अटक गई थीं, लेकिन ड्राइवर की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से सभी की जान बच सकी.

ड्राइवर व ग्रामीणों ने बचाई छात्रों की जान

जामघाट के इस जानलेवा मोड़ पर ड्राइवर के त्वरित फैसले और ग्रामीणों की मुस्तैदी ने 52 परिवारों की खुशियों को मातम में बदलने से बचा लिया. मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया घटना के बाद सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित उनके गंतव्य की ओर भेजने का प्रयास किया जा रहा है.

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