- मंदसौर, 21 अगस्त गुरु एक्सप्रेस। शुक्रवार सुबह चौराहे पर एक ही चर्चा… शक्कर 70 रुपए किलो हो गई…! इस चर्चा के साथ महंगाई का तनाव लोगों के चेहरे पर साफ नजर आ रहा था। इसका कारण है एक दिन में ही शक्कर के दाम 16 रुपए बढ़ना। अब बाजार में शक्कर की बढ़ती कीमतों ने त्योहारों की मिठास पर महंगाई का रंग चढ़ा दिया है। महज दस दिनों में शकर के भाव में करीब 21 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है और कीमत 50 रुपए से बढ़कर 70 से 75 रुपए किलो तक पहुंच गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ मांग बढ़ने की संभावना के बीच एथेनॉल उत्पादन और विदेशी निर्यात को भी तेजी का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।जिले में हर माह लगभग 20 हजार क्विंटल शक्कर की खपत होती है। ऐसे में बढ़ते भाव का असर मिठाइयों, चाय, कॉफी और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है। अब आगे त्योहार होने से खपत बढ़ेगी, लेकिन अभी तो खपत सामान्य होने के बाद भी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। व्यापारियों के अनुसार शकर के भाव में हो रही बढ़ोतरी का मुख्य कारण भारत सरकार द्वारा गन्ने से एथेनॉल उत्पादन करने एवं निर्यात में बढ़ोतरी को बताया जा रहा है। इस बढ़ोतरी से सीधे तौर पर आम उपभोक्ता की जेब पर असर डालेगी। चाय, कॉफी से लेकर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में शकर का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में इन सभी वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका है।एथेनॉल मिश्रण नीति से बढ़े दाम…अंतरराष्ट्रीय बाजार में शक्कर की बढ़ती मांग और सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति के तहत शकर मिलों को एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे शकर की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो आने वाले समय में शक्कर के दाम और बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर महंगाई पर होगा। लंबे समय से शक्कर की विदेशी निर्यात पर रोक लगी थी जो हटने के बाद विदेशी बाजार में भी शक्कर निर्यात हो रही है।व्यापारियों ने किया भंडारण, हर दिन बढ़ रहे दाम…बाजार में लगातार शकर के दाम बढ़ने से थोक व्यापारियों ने भंडारण शुरु कर दिया है। प्रतिदिन दाम बढऩे से खुदरा बाजार पर असर दिखाई देने लगा है। बाजार में तीन अलग-अलग क्वालिटी की शकर पहुंचती है। महाराष्ट्र के शकर कारखाने की शकर बाजार में अधिक बिकती है, लेकिन कम दाम वाली शकर की मांग अधिक होने से शकर व्यापारी महाराष्ट्र से मध्यम क्वालिटी की शक्कर अधिक डिमांड पर बुलाते हैं।व्यापारी बोले- चाय, मिठाई के भाव बढ़ाना मजबूरी…चाय की दुकान से लेकर बड़ी मिठाई की दुकानों तक सभी को अपनी लागत बढ़ानी पड़ रही है। त्योहारों का समय नजदीक होने के कारण यह मूल्य वृद्धि और भी चिंताजनक है। क्योंकि, इस दौरान मिठाइयों और अन्य शकर आधारित उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। मिठाई व्यापारियों ने कहा कि अगर शकर के भाव कम नहीं होंगे तो मिठाइयों के दाम बढ़ाना मजबूरी होगी। दूध, मावे के साथ अन्य खाद्य पदार्थों में भी लगातार बढ़ोतरी देखती जा रही है।ये बोले व्यापारी…सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण नीति लागू करने के साथ विदेशी निर्यात शुरु कर दिया। जिससे पिछले पिछले 10 दिन में शकर के दाम 21 रुपए तक बढ़ गए है, त्योहार के समय डिमांड बढ़ी है।-राजेंद्र खिमेसरा, किराना व्यवसायीदूध सहित ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े, अब शक्कर के भाव लगातार बढ़ने से आर्थिक परेशानी बढ़ गई है, लेकिन अभी मिठाइयों सहित अन्य खाद्य पदार्थ के दाम नहीं बढ़ाए गए है। निलेश जैन, मिठाई विक्रेतात्योहार के समय शकर की खपत बढ़ती है, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में भाव में अधिक उछाल आया है। सरकार को जल्द निर्णय लेकर भाव नियंत्रित करना चाहिए।अनुप भाटी, किराना व्यापारीशकर का उपयोग चाय से लेकर सभी खाद्य पदार्थ में होता है, ऐसे में महंगाई के कारण परेशानी बढ़ गई है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा और आम नागरिकों की समस्या बढ़ेगी। इस ओर ध्यान देना आवश्यक है। रोहित डगवार, होटल व्यवसायी



















