मंदसौर में निकली बाबा पशुपतिनाथ की शाही सवारी:26 झांकियां, अखाड़े और ढोल पार्टियों ने बढ़ाया आकर्षण

मंदसौर में सावन के अंतिम सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी निकाली गई। भगवान पशुपतिनाथ रजत प्रतिमा के रूप में शाही रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालु उमड़े, जिससे शहर की सड़कें खचाखच भरी रहीं। जगह-जगह पुष्पवर्षा और पूजन-अर्चन कर सवारी का स्वागत किया गया। पूरे शहर में ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे।
1996 से चली आ रही शाही सवारी की परंपरा
भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी की यह परंपरा वर्ष 1996 से लगातार चली आ रही है। मान्यता है कि सावन के अंतिम सोमवार को बाबा पशुपतिनाथ मंदिर से निकलकर नगर भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इस वर्ष भी सवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।

26 झांकियां और ढोल पार्टियां बनी आकर्षण
शाही सवारी में कुल 26 झांकियां, विभिन्न राज्यों की ढोल पार्टियां, अखाड़े और धार्मिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। इनमें शाही पालकी के साथ बैंड, अखाड़ा, चलित भजन संध्या, महादेव स्वरूप झांकी, धार की नगाड़ा पार्टी, राधा-कृष्ण महारास लीला, राम दरबार, पंजाबी ढोल, नालछा माता मंदिर की झांकी और महाकाल स्वरूप पालकी प्रमुख रहीं।
अन्य आकर्षणों में केरल की कथककली प्रस्तुति, तिरुपति बालाजी दर्शन और झांकी, मुंबई की ढोल पार्टी, बैंजो पार्टी, महाकाल पालकी के साथ पैदल ढोल, गुजरात और नासिक के ढोल, श्मशान अघोरी झांकी, महाकाल गर्भगृह महाआरती का चित्रण, महिला कलश, मंदसौर के ढोल, डमरू मंडल युवतियों का ग्रुप और मातृशक्ति गरबा नृत्य शामिल रहे। भगवान पशुपतिनाथ महादेव का राजसी रथ, ओखा बावजी का रथ और स्वच्छता मिशन से जुड़ी एक झांकी भी शाही सवारी का हिस्सा बनी।
शाही सवारी के मार्ग में उमड़ा जनसैलाब
शाही सवारी पशुपतिनाथ मंदिर से शुरू होकर बरगुंडा मोहल्ला, केशव सत्संग भवन रोड, खानपुरा, मंडी गेट, सदर बाजार, धानमंडी, बड़ा चौक, गणपति चौक, शुक्ला चौक, सांखला भवन, कालाखेत मेन रोड, मेघदूत होटल मार्ग होते हुए नेहरू बस स्टैंड पहुंची। इसके बाद कालीदास मार्ग, घंटाघर, सदर बाजार और मंडी गेट होते हुए सवारी वापस पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची।
जगह-जगह हुआ भगवान का स्वागत
शाही सवारी को देखने के लिए मंदसौर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सवारी के मार्ग में जगह-जगह लोग भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए बाबा का स्वागत किया। भीड़ के कारण पूरा शहर भगवान पशुपतिनाथ की भक्ति में डूबा नजर आया।
स्वामी मणिमहेश चैतन्य ने कहा कि सावन का अंतिम सोमवार पूरे देश में भक्ति का अद्भुत माहौल लेकर आया है। भक्त पूरे साल भगवान के दर्शन के लिए मंदिर जाते हैं, लेकिन आज भगवान स्वयं नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देने निकले हैं। प्रातःकालीन आरती मंडल के तत्वावधान में शाही सवारी निकाली जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और लोगों में खासा उत्साह है।
देखें शाही सवारी की तस्वीरें





















































