कारोबार

दो साल में सोना-चांदी ने तोड़े रिकॉर्ड, निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न

पिछले दो वर्षों में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के चलते निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा, जिससे दोनों धातुओं ने नए रिकॉर्ड बनाए।

साल 2024 की शुरुआत में सोना करीब 63 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि जून 2026 तक इसकी कीमत कई बाजारों में 1 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गई। यानी दो वर्षों में सोने ने लगभग 55 से 60 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया। इसी तरह चांदी, जो दो साल पहले करीब 75 हजार रुपए प्रति किलो के आसपास थी, वह बढ़कर 1.10 लाख से 1.20 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने को मजबूत समर्थन दिया। वहीं चांदी को निवेश के साथ-साथ सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में बढ़ती मांग का भी फायदा मिला।

सर्राफा कारोबारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों में शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान ऊंचे भावों के बावजूद सोने-चांदी की खरीदारी पूरी तरह नहीं थमी। हालांकि आम ग्राहकों ने भारी गहनों की जगह हल्के आभूषणों को प्राथमिकता दी।

निवेश सलाहकारों का कहना है कि जिन लोगों ने दो वर्ष पहले सोना या चांदी खरीदी थी, उन्हें बेहतर रिटर्न मिला है। भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के प्रमुख विकल्प बने हुए हैं।

मुख्य बातें

  • दो साल में सोना लगभग 55-60% तक महंगा हुआ।
  • चांदी ने भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया।
  • वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग से बढ़ी कीमतें।
  • औद्योगिक मांग ने चांदी की तेजी को अतिरिक्त समर्थन दिया।
  • सर्राफा बाजार में ऊंचे भावों के बावजूद खरीदारी जारी रही।

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