
मंदसौर, 20 जून गुरु एक्सप्रेस। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर गांवों तक लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले दो महीने में 950 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं। बड़े अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 10 डॉग बाइट के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले ही शामगढ़ मेें 5 वर्षीय मासूम पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्चे के चेहरे पर गंभीर घाव हो गए। परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, वहां आवश्यक रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें दूसरे अस्पताल का रुख करना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इधर अफजलपुर में भी एक मासूम कुत्ते के हमले से घायल हो गई। यह दो घटनाएं ही नहीं है। जिले में आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले दो महीनों में 950 से अधिक लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगानी पड़ी है।
हर दिन पहुंच रहे डॉग बाइट के मरीज…
बड़े अस्पताल में रोजाना कुत्तों के काटने के बाद औसतन 10 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते मामलों के कारण अस्पताल में रेबीज वैक्सीन की मांग भी लगातार बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में लोग इलाज करा रहे हैं।
नसबंदी और नियंत्रण अभियान सीमित…
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जबकि, नसबंदी और नियंत्रण अभियान अपेक्षित स्तर पर नहीं चल पा रहा है। मुख्य सड़को, कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के झुंड आसानी से देखे जा सकते हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। जबकि, लाखों रुपए नगरपालिका नसबंदी पर खर्च कर चुकी है।
भूख और गर्मी में बढ़ रहा हमला…
जानकारों के अनुसार भोजन की कमी और गर्मी के मौसम में आवारा कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों और अकेले आने-जाने वाले लोगों पर हमले की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नसबंदी और प्रभावी नियंत्रण अभियान ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
शिकायतें बढ़ीं, लेकिन असर नहीं…
आवारा कुत्तों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने और उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है, ताकि डॉग बाइट की घटनाओं पर रोक लग सके।
दो साल पहले 12 वर्षीय मासूम की गई थी जान…
मंदसौर जिले में आवारा कुत्तों के हमले का मामला पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है। करीब दो वर्ष पहले शामगढ़ नई आबादी निवासी 12 वर्षीय बालिका पर रोटरी रोड क्षेत्र में आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। कुत्तों ने उसके शरीर पर कई जगह गहरे घाव कर दिए थे। गंभीर हालत में उसे बड़े अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद आवारा कुत्तों पर नियंत्रण को लेकर कई दावे किए गए थे। लेकिन, स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। आज भी जिले में लगातार डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं।
















