रेलवे से माल ढुलाई हुई सस्ती, व्यापारियों को बड़ी राहत, इन किन सामानों पर लागू होगी छूट

रेल मंत्रालय ने व्यापारियों और उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों तक मालगाडिय़ों पर 15 प्रतिशत का ‘बिजी सीजन चार्ज’ (बीएससी) नहीं लगेगा. इस फैसले से रेल के जरिए माल भेजना सस्ता हो जाएगा और सड़क परिवहन की तुलना में रेलवे ज्यादा आकर्षक बनेगा.
रेलवे से माल ढुलाई हुई सस्ती
रेलवे बोर्ड ने लीन सीजन (कम मांग का समय) को ध्यान में रखते हुए यह छूट दी है. बंद डिब्बों (कवरेड वैगन) में भेजे जाने वाले सभी प्रकार के सामान पर यह 15 प्रतिशत चार्ज पूरी तरह हटा दिया गया है. इससे फैक्टरियां, व्यापारी और छोटे-बड़े उद्योगों को सीधा फायदा होगा. रेलवे का मानना है कि महंगे चार्ज की वजह से कई व्यापारी रेलवे की बजाय सड़क मार्ग चुन लेते थे. अब यह गैप कम होगा और रेलवे पर माल लदान बढ़ेगा.
किन सामानों पर लागू होगी छूट?
बंद डिब्बों में भेजा जाने वाला सारा माल इस छूट के दायरे में आएगा.
गुड्स टैरिफ नंबर 49 के तहत क्लास 100 से कम वाले सभी सामान पर, चाहे किसी भी तरह के वैगन में भेजे जाएं, चार्ज नहीं लगेगा.
कंटेनर ट्रैफिक, टैंक कंटेनर में भेजा जाने वाला बल्क सीमेंट और नमक का परिवहन भी पूरी तरह मुक्त रहेगा.
किन पर नहीं लागू होगी छूट?
खुले डिब्बों में लाए जाने वाले लौह अयस्क, लाइमस्टोन, डोलोमाइट और ज्यादातर आयरन-स्टील सामान इस राहत से बाहर रहेंगे. आटोमोबाइल (वाहन) ट्रैफिक पर पहले की तरह ही चार्ज लगेगा. बांस के परिवहन पर भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.
रेलवे बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर (ट्रैफिक कामर्शियल) संजय कुमार झा ने 17 जून को सभी जोनल रेलवे को यह आदेश जारी कर दिया है. उन्होंने जोनल महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय उद्योगों, व्यापार मंडलों और संभावित ग्राहकों से संपर्क करें और उन्हें इस नई छूट के बारे में बताएं.
इस फैसले के फायदे
यह कदम रेलवे को ज्यादा माल ढुलाई का मौका देगा. सड़कों पर ट्रकों का बोझ कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम, दुर्घटनाएं और प्रदूषण भी घटेगा. व्यापारियों की लागत कम होने से सामानों के दाम भी नियंत्रण में रह सकते हैं. खासकर छोटे उद्योगपति और दूर-दराज के क्षेत्रों के व्यापारी इस राहत का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकेंगे.














































