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Property Rights: इन बेटियों को नहीं मिलेगा पिता की संपत्ति में अधिकार, जानिए क्या कहता है कानून

Property Rights: हमारे देश में संपत्ति को लेकर अक्सर लड़ाई देखने को मिलती है। संपत्ति विवाद में अक्सर मारपीट जैसी घटनाएं भी होती है हालांकि सरकार के द्वारा संपत्ति को लेकर कई कानून बनाया गया है जिसे हर हाल में सबको पालन करना होगा।

आमतौर पर बेटों के बराबर ही बेटियों का भी पिता की संपत्ति में अधिकार होता है। हालांकि कई परिस्थितियों में बेटियों को पिता की संपत्ति में अधिकार नहीं मिलता है। सरकार के द्वारा संपत्ति को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं जिसके अनुसार पिता की संपत्ति में बेटियों को अधिकार नहीं मिलेगा।

प्रॉपर्टी में बेटियों के अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने साफ किया है कि यदि किसी हिंदू पिता की मौत 9 सितंबर 1956 से पहले हुई है तो बेटी संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकती है।

1956 में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम को लागू किया गया था जिसके अनुसार बेटियों को पिता की संपत्ति में बराबर का अधिकार दिया गया था। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में जोर देकर कहा कि 1956 से पहले विरासत के ऐसे मामले मिताक्षरा कानून के अंतर्गत होते थे।

पिता की मौत अगर 1956 के पहले हुई है तो बेटी को पिता की संपत्ति में अधिकार नहीं मिलेगा। हाई कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पहले मिताक्षरा कानून के अनुसार ही प्रॉपर्टी में बंटवारा होता था लेकिन अब हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रॉपर्टी में बंटवारा होता है। ऐसे में 1956 के पहले वाले मामले में बेटी को पिता की संपत्ति में अधिकार नहीं मिलेगा।

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