खरगोन में तीन राज्यों के वांटेड चाचा-भतीजा गिरफ्तार, 11 अवैध हथियार बरामद

खरगोन। अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में खरगोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के मामलों में फरार चल रहे गुरुनाम उर्फ हैप्पी सिकलीगर और उसके चाचा हरपाल सिकलीगर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 अवैध हथियार बरामद किए हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में विभिन्न प्रकरण दर्ज हैं। गुरुनाम उर्फ हैप्पी पर 10 मामले दर्ज होने के साथ 55 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में थाना गोगावां, सनावद और जैतापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आर्म्स एक्ट के मामलों में फरार दोनों आरोपी बिना नंबर की बाइक से इंदौर की ओर जाने वाले हैं।
सूचना के आधार पर तीनों थानों की पुलिस ने घेराबंदी की और ग्राम नलवा पुलिया के पास दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अवैध हथियार छिपाकर रखने की जानकारी दी।
उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम अंजनगांव और सिगनूर के बीच स्थित पानी की टंकी के पीछे पहुंची, जहां बड़े पत्थरों के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने वहां से आठ देशी पिस्टल और तीन देशी कट्टे जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2.45 लाख रुपए है।
पिछली कार्रवाई से मिला सुराग
- पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को थाना गोगावां में दर्ज अपराध क्रमांक 50/26 एवं 171/26 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
- इसी प्रकरण में पूर्व में हरियाणा से हथियार खरीदने आए आरोपी रजत को गिरफ्तार किया गया था।
- उसके कब्जे से छह देशी पिस्टल, चार अतिरिक्त मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस तथा हथियारों के परिवहन में प्रयुक्त करीब 25 लाख रुपये कीमत की स्कॉर्पियो वाहन जब्त की गई थी।
- रजत से पूछताछ के दौरान ही गुरुनाम और हरपाल के नाम सामने आए थे।
- कुछ दिन पूर्व सिगनूर क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर हुई पुलिस कार्रवाई में भी दोनों की संलिप्तता उजागर हुई थी।
खरीददार व सप्लाई चैन की निकाल रहे जानकारी
- गुरुनाम उर्फ हैप्पी के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में आर्म्स एक्ट के 10 प्रकरण दर्ज हैं, जबकि हरपाल के खिलाफ चोरी, जुआ और आर्म्स एक्ट सहित सात मामले दर्ज हैं।
- पुलिस का मानना है कि दोनों लंबे समय से अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
- गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
- अब उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई चेन, खरीददारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
- इस पूरे मामले में अब तक करीब 29 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया जा चुका है।

































