नीट-जेईई एक्जाम का पैटर्न बदलेगा, एजुकेशन मिनिस्ट्री की कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट, कोचिंग सेंटरों पर कसेगी लगाम

नई दिल्ली. नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) यूजी, जवाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) समेत अन्य एंट्रेंस टेस्ट के पैटर्न में बड़ा बदलाव हो सकता है. इसकी कवायद शुरू हो गई है.
इस संंबंध में शिक्षा मंत्रालय की तरफ से गठित 9 सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके आधार पर शिक्षा मंत्रालय को अब फैसला लेना है. इस फैसले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीई) की तरफ से नीट, जेईई, सीयूईटी समेत दूसरे एंट्रेंस एग्जाम के नए पैटर्न को अंतिम रूप दिया जाएगा. हालांकि ये पूरी कवायद कोचिंग सेंटर्स पर लगाम लगाने को लेकर है.
विनीत जोशी की अध्यक्षता में 2025 में बनी थी कमेटी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जून 2025 में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी, जिसका अध्यक्ष उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को बनाया गया था. इस कमेटी का मुख्य मकसद स्टूडेंट्स की कोचिंग पर निर्भरता कम करना, डमी स्कूलों के प्रसार पर रोकथाम लगाना और नीट, जेईई, सीयूईटी जैसे अहम एंट्रेंस टेस्ट की निष्पक्षता की जांच करना था.
कमेटी ने सौंपी सिफारिशें
जानकारी के मुताबिक कमेटी ने अपनी सिफारिश में जेईई, नीट, सीयूईटी जैसे अहम एंट्रेंस एग्जाम के पैटर्न में बदलाव की सिफारिश की है. कमेटी ने माना है कि स्टूडेंट्स की कोचिंग पर निर्भरता कम करने के लिए जरूरी है कि एंट्रेंस टेस्ट के डिजाइन में बदलाव किया जाए. इस ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय अब कोचिंग सेक्टर को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने के साथ ही एंट्रेंस एग्जाम को फिर से डिजाइन करने पर विचार कर रही है.
जेईई एडवांस्ड का भी बदल रहा पैटर्न
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मे एडमिशन के लिए आयोजित होने वाले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस्ड का भी पैटर्न बदलेगा. जेईई एडवांस्ड के नए पैटर्न में फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री (पीसीएम) की जगह सिर्फ एप्टीट्यूट के सवाल शामिल किए जाएंगे. जेईई एडवांस्ड का नया पैटर्न बदलने की कवायद शुरू हो गई है. इसी कड़ी में जेईई एडवांस्ड के नए पैटर्न का ट्रायल करने की रूपरेखा तय कर ली गई है. जुलाई में सभी 23 आईआईटी में बीटेक फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स के बीच जेईई एडवांस्ड के नए पैटर्न का ट्रायल होगा. ट्रायल की रिपोर्ट आईआईटी की नियामक संस्था आईआईटी काउंसिल बैठक में पेश की जाएगी. सब कुछ ठीक रहा तो आगे की रणनीति तय करते हुए जेईई एडवांस्ड 2027 को नए पैटर्न से आयोजित किया जा सकता है.














































