एमपी में कोटे की 25% बारिश पूरी:32 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा; आज पन्ना, सतना में आज हेवी रेन का अलर्ट

मध्य प्रदेश में कोटे की 25 प्रतिशत यानी, 9.4 इंच बारिश हो गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 32 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा। IMD (मौसम केंद्र) की मानें तो पूरे जुलाई पानी बरसेगा। इससे आंकड़ा और भी बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग ने 4 दिन तक प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हलकी बारिश का अनुमान जताया है। पन्ना और सतना जिले में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे के दौरान यहां 4 इंच या इससे ज्यादा पानी गिर सकता है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का अनुमान है।
मंडला में पौन इंच बारिश, ग्वालियर-जबलपुर समेत 11 जिलों में गिरा पानी
प्रदेश में गुरुवार को भी बारिश का दौर रहा। मंडला में पौन इंच पानी गिर गया। सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में आधा इंच बारिश हुई। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सीधी में भी पानी गिरा।
प्रदेश में 10 प्रतिशत बारिश ज्यादा
प्रदेश में इस बार पूरे जून महीने आंधी-बारिश का दौर रहा। इसके बावजूद कोटे से 30 प्रतिशत पानी कम बरसा, लेकिन जुलाई के 9 दिन ने यह कोटा न सिर्फ पूरा कर दिया, बल्कि 10 प्रतिशत ज्यादा पानी बरसा दिया।
आंकड़ों की बात करें तो प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी यानी, 9.4 इंच पानी गिर चुका है। यह सामान्य बारिश 212.3 मिमी (8.3 इंच) से 10 प्रतिशत ज्यादा है। पूर्वी हिस्से में 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत पानी ज्यादा गिरा है।
इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश
- कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, दतिया, धार, झाबुआ, नर्मदापुरम, रायसेन, शिवपुरी।
- ज्यादा बारिश वाले जिले- छतरपुर, रतलाम, मुरैना, दमोह, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, निवाड़ी, पांढुर्णा, सिवनी, आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन और विदिशा।
देवास में सीजन की आधी बारिश, भोपाल-इंदौर भी बेहतर
प्रदेश में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है। यहां 125 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के आंकड़ों की मानें तो यहां अब तक 18 इंच बारिश हो चुकी है। इंदौर-सीहोर में 14 इंच बरसात हुई है। हरदा में 15 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल में 13.1 इंच पानी गिरा है।
आगर-मालवा, अशोकनगर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, विदिशा, अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सिवनी और उमरिया जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। आलीराजपुर में सबसे कम सवा 2 इंच ही बारिश हुई है।
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इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है।इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इं च है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है।
भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है, यानी हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है।















































