पटलावद के माणकलाल भंसाली का देहदान:मंदासौर मेडिकल को मिली 12वीं बॉडी, स्टूडेंट्स की प्रैक्टिस में मददगार; गार्ड ऑफ ऑनर दिया

मंदसौर के सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को एक देहदान किया गया। ग्राम पटलावद निवासी 78 वर्षीय माणकलाल भंसाली के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंपा।
इस देह का उपयोग मेडिकल छात्रों के अध्ययन और मानव शरीर की बनावट के प्रैक्टिकल ज्ञान के लिए किया जाएगा।
परिजनों ने जनसेवा और मानवता की भावना से यह फैसला लिया। कॉलेज प्रशासन ने इसे चिकित्सा शिक्षा के लिए एक अहम सामाजिक योगदान बताया।
उन्होंने देहदाता और उनके परिजनों का आभार जताया। प्रशासन के अनुसार, देहदान से मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना और अलग-अलग अंगों को सीधे समझने में मदद मिलती है।
माणकलाल भंसाली के सम्मान में मध्यप्रदेश शासन की पहल पर मंदसौर पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इस मौके पर कॉलेज के डॉक्टर, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र मौजूद थे। सभी ने देहदाता को श्रद्धांजलि दी।

गार्ड ऑफ ऑनर देते पुलिसकर्मी।
मानव शरीर संरचना और अंग समझने में मददगार कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, देहदान मेडिकल शिक्षा का जरूरी हिस्सा है। इससे छात्रों को मानव शरीर की संरचना और अंगों को सीधे समझने का मौका मिलता है, जिससे उनका प्रैक्टिकल ज्ञान मजबूत होता है।
अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी के मार्गदर्शन में छात्रों को अच्छी पढ़ाई की सुविधा देने के लिए देहदान को अहम माना जा रहा है।
सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में यह 12वां देहदान है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के डॉक्टरों की शिक्षा में बड़ा योगदान देगा।
महाविद्यालय ने लोगों से देहदान के लिए आगे आने और चिकित्सा शिक्षा में मदद करने की अपील की है।
दो तस्वीरें…

मेडिकल कॉलेज को शव सौंपते परिजन।

अंगदान के बाद प्रमाण पत्र लेते परिजन।






















