मंदसौर

Mandsaur News: 67 लाख खर्च फिर भी बस्तियों में लग रहीं मांस की दुकानें, आठ साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया मार्केट

Mandsaur News: मंदसौर नगर में मीट-मटन की दुकानों से जुड़ी समस्या का अब तक निराकरण नहीं हो पाया है। वर्ष 2018 में नगर परिषद ने शासकीय भूमि खरीदकर करीब 67 लाख रुपए से 24 दुकानों का निर्माण किया था। इसके बाद शहर के पूरे मीट मार्केट को इस भूमि पर शिफ्ट होना था। लेकिन आठ वर्ष बीतने के बाद भी यह मार्केट शुरू नहीं हो पाया है। हिंदू संगठन आए दिन प्रशासन से इसे शिफ्ट करने को लेकर मांग करते हैं। कई बार बैठकें व विवाद भी हो चुके हैं। बावजूद इसके अब तक इस प्रकरण का कोई निराकरण नहीं हो पाया। जिम्मेदार जल्द शिफ्ट कराने की बात कह रहे हैं।

बाजार शुरू करने के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार को शुरू करने में बुनियादी सुविधाओं की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। बिजली, पानी, सड़क, नाली और लाइटिंग जैसी आवश्यक सुविधाएं अब तक विकसित नहीं हो सकीं। इसी कारण दुकानदार अभी भी नगर के भीतर दुकानें संचालित कर रहे हैं और वर्षों पुरानी मांग अधूरी बनी हुई है। भानपुरा की पहचान शंकराचार्य मठ की पवित्र पीठ और सनातन परंपरा से जुड़ी रही है, लेकिन वर्षों से नगर में मीट-मटन की दुकानें धार्मिक भावनाओं और शुद्ध सात्विक वातावरण के विपरीत मानी जा रही हैं। नगरवासियों का कहना है कि आवासीय बस्तियों और गली-मोहल्लों में करीब दो दर्जन स्थानों पर मीट-मटन की खुली बिक्री हो रही है। इससे हजारों लोगों को परेशान होना पड़ता है। सनातन धर्म मंडल भानपुरा और सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार आंदोलन हुए, नगर बंद रखा गया और रैली निकालकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए। इसके तहत नगर से बाहर बायपास और भंवरिया गढ़ार के समीप मीट-मटन मार्केट स्थापित करने का निर्णय लिया गया था।

नाली निर्माण और लाइटिंग के कार्य प्रस्तावित हैं, जल्द शुरू कराएंगे

सीएमओ जितेंद्र सिंह राणा और इंजीनियर तरुण शर्मा ने बताया कि मीट-मटन मार्केट की दुकानों को नीलामी की प्रक्रिया में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और अमृत योजना के अंतर्गत भंवरिया गढ़ार से पंजाबी कॉलोनी तक 800 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ी सीसी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसकी अनुमानित लागत 90 लाख रुपए है। इसी के तहत नाली निर्माण और लाइटिंग के कार्य प्रस्तावित हैं। विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर के लिए विद्युत विभाग ने 5 लाख रुपए का एस्टीमेट नगर परिषद को सौंपा है। नपध्यक्ष विनोद शिव भानपिया ने कहा कि परिषद मीट-मटन मार्केट को तय स्थान पर जल्द शुरू कराने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन से बजट मिलने पर कार्यों को गति दी जाएगी। गरोठ-भानपुरा विधायक चंदरसिंह सिसोदिया ने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा कर पर्याप्त बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि नगरवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सके।

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