मप्र में वाहन मालिकों के लिए खुशखबरी, वाहन बेचने पर रजिस्ट्रेशन नंबर मालिक के पास रहेगा सुरक्षित

MP News: एमपी के लाखों वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। मध्यप्रदेश में लंबे समय से लंबित नंबर रिटेंशन सुविधा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस सुविधा के लागू होने के बाद दोपहिया और चारपहिया वाहन बेचने या स्क्रैप कराने पर भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर मालिक के पास सुरक्षित रहेगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए मप्र परिवहन विभाग नियमों में संशोधन करने जा रहा है। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
क्या है नंबर रिटेंशन सुविधा ?
नंबर रिटेंशन का मतलब है कि वाहन मालिक अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अपने नाम पर सुरक्षित रख सकेगा, भले ही वह वाहन बेच दिया जाए या स्क्रैप कर दिया जाए। बाद में नया वाहन खरीदने पर वही नंबर फिर से अलॉट कराया जा सकेगा।
अभी क्या होता है ?
फिलहाल व्यवस्था यह है कि वाहन बेचने या स्क्रैप कराने के साथ ही उसका नंबर भी नए मालिक के नाम ट्रांसफर हो जाता है या रद्द हो जाता है।
संभावित नियम-प्रक्रिया
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नंबर रिटेंशन के लिए कुछ शर्ते तय की जा सकती हैं, जैसे वाहन बेचते समय आरटीओ में नंबर रिटेंशन के लिए आवेदन करना होगा। तय समय सीमा (जैसे 6 माह या 1 वर्ष) में नए वाहन पर नंबर ट्रांसफर कराना होगा. इसके लिए नाममात्र शुल्क या तय फीस ली जा सकती है। नंबर रिटेंशन केवल उसी श्रेणी के वाहन (दो पहिया से दो पहिया, चार पहिया से चार पहिया) पर संभव हो सकता है।
वीआइपी नंबर धारकों को सबसे बड़ा फायदा
प्रदेश में यह सुविधा लागू होने के बाद वीआइपी, कैसी और विशेष नंबर लेने वाले वाहन मालिकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। ऐसे नंबरों के लिए लोग हजारों से लेकर लाखों रुपए तक खर्च करते हैं, लेकिन वाहन बेचते ही अब तक नंबर भी हाथ से निकल जाता था। नंबर रिटेंशन लागू होने से फायदा महंगे नंबर सुरक्षित रहेंगे, बार-बार नई बोली में पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा और नंबर एक ब्रांड और पहचान के रूप में बना रहेगा
आरटीओ और परिवहन विभाग पर असर
नई व्यवस्था लागू होने से आरटीओ कार्यालयों में नंबर ट्रांसफर और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, विभाग को रिटेंशन शुल्क के रूप में अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना भी है।


























