मध्यप्रदेश

उज्जैन में शाही मस्जिद हटाने को लेकर पथराव, पुलिस ने संभाली स्थिति, हाई कोर्ट में मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज

उज्जैन में शाही मस्जिद हटाने को लेकर पथराव, पुलिस ने संभाली स्थिति, हाई कोर्ट में मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज

कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद (Shahi Masjid Ujjain) का करीब 10 फीट बाधक हिस्सा हटाया जा रहा है। सोमवार सुबह प्रशासन और‌ मुस्लिम समाज के बीच बातचीत के बाद समाजजन खुद बाधक हिस्सा हटाने पहुंचे। इस दौरान नारेबाजी हुई और कुछ समाजजन ने कार्रवाई का विरोध भी किया।

उपद्रव करने की कोशिश कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समाज का एक तबका आगर नाके पर जमा हो गया। दोपहर करीब 12 बजे उपद्रवियों ने फिर पत्थर फेंके। पुलिस ने लाठी चार्ज किया। 10 पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोपहर तक लाठीचार्ज के बाद स्थिति नियंत्रण में हुई। मस्जिद के बाधक हिस्से को मस्जिद कमेटी तोड़ रही है।

मस्जिद पक्ष की अपील हाई कोर्ट ने की निरस्त

इसके साथ ही शाही मस्जिद मामले में मस्जिद पक्ष की ओर से प्रस्तुत अपील हाई कोर्ट ने की निरस्त, न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लैई की युगलपीठ ने भोजनावकाश के बाद की मामले में सुनवाई। विस्तृत आदेश देर शाम तक जारी होगा।

naidunia_image

उल्लेखनीय है कि उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित है। शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा इस सड़क की निर्धारित सीमा में बाधक बन रहा था। इसी हिस्से को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

naidunia_image

शहर काजी ने कहा- मस्जिद का मसला हल हो चुका है, अफवाहों पर ध्यान न दें

उज्जैन में शादी मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने कहा कि मस्जिद का मसला रात में ही हल हो चुका है। समाज के लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। बिना वजह बाजार में न खड़े हो और वहां न जाएं। ऐसी कोई बात नहीं है जिसके पीछे हम वहां जाएं। जिस बात के लिए वादा हुआ है वो काम पूरा होना है। वो लोग अपने काम को कर रहे हैं। अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। अफवाहों की वजह से घर से बाहर न निकलें।

उज्जैन प्रशासन और शहर काजी ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। इसे लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा कि 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निर्माण कार्य चल रहे हैं, मास्टर प्लान के हिसाब से मार्गों का चौड़ीकरण चल रहा है। इसमें अच्छी बात यह है कि सभी धर्म-समुदाय के लोग स्वतः इसमें अपना योगदान दे रहे हैं।

उनके मकान, धर्मस्थल जो भी बीच में आ रहे हैं, उन्हें वे स्वतः हटा रहे हैं। इसी क्रम में छत्री चौक पर आज शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय द्वारा स्वतः हटाया जा रहा है। मैं सभी से अपील करता हूं कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।

naidunia_image

उपद्रवियों ने पत्थर फेंके। क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल को चोट लगी।

यह मार्ग महाकालेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर और शिप्रा तट को जोड़ता है। सिंहस्थ 2028 और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मार्ग चौड़ीकरण किया जा रहा है।

naidunia_image

शाही मस्जिद के भीतर की तोड़ाई चल रही है। समाजजन खुद इसे हटा रहे हैं।

हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला, आज सुनवाई

शादी मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में मस्जिद कमेटी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंची थी। उन्होंने दावा किया था कि यह मस्जिद 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है और इसके ऐतिहासिक दस्तावेज भी हैं।

naidunia_image

आगर नाके पर विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचे लोग।

एकलपीठ में याचिका निरस्त होने के बाद इसे फिर से युगलपीठ के सामने प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने दावा किया था कि 1975 में यातायात के लिए मस्जिद की ओर से जमीन दी गई थी। उसी जमीन पर 40 फीट चौड़ी सड़क है।

naidunia_image

शाही मस्जिद को हटाने की प्रशासनिक तैयारी के बीच मस्जिद पक्ष की याचिका पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर युगल पीठ में सोमवार को सुनवाई होगी। एकल पीठ याचिका को 15 दिन पहले निरस्त कर चुकी है, अब सबकी नजरें युगल पीठ की सुनवाई पर लगी हुई हैं।

naidunia_image

शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा (एक तरफ से चार फीट और दूसरी तरफ से नौ फीट) हटाया जा रहा है। इमाम मोहम्मद इब्राहिम मस्जिद द्वारा मस्जिद 636 साल पुरानी होने का दावा करते कहा जा रहा है कि भवन का हिस्सा तोड़े जाने से पूरी संरचना को नुकसान पहुंचेगा और पूरी इमारत प्रभावित हो सकती है।

naidunia_image

वहीं, मस्जिद को हटाने की संभावित कार्रवाई को देखते हुए शनिवार रात से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शाही मस्जिद के भीतर और बाहर एकत्रित रहे थे। रविवार को भी विरोध और नारेबाजी जारी रही थी। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मस्जिद के सामने बैरिकेड लगाए और पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती की गई।

naidunia_image

औवेसी ने जताया विरोध

उधर, एआईएमआइएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शाही मस्जिद को हटाने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि वक्फ कानून में संशोधन इसीलिए किए गए ताकि कलेक्टर्स और राज्य सरकार को मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों, कब्रिस्तानों को मुसलमानों से छीन लिया जाए।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button