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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग में इस्तेमाल हथियार अमृतसर से आए:दो महिलाओं ने पिस्टल-कारतूस मुंबई पहुंचाए; शूटर रेहान की मां बोली- मास्टरमाइंड हरियाणा में छिपा

दिल्ली में दो महिलाओं सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले 3 आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार किया गया था। - Dainik Bhaskar

एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में इस्तेमाल हुए हथियार अमृतसर से लाए गए थे। मुंबई पुलिस ने बुधवार को यह दावा किया।

पुलिस ने बताया कि हरियाणा में सोनीपत के कुणाल (21) और सुमित (19) ने लॉरेंस गैंग के मेंबर अनिल पंडित के निर्देश पर एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए थे। उत्तर प्रदेश की राधा (23) और बबीता (23) नाम की दो महिलाओं ने इन्हें मुंबई तक पहुंचाया।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को चारों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले, सोमवार को फायरिंग करने वाले तीन लोग कोटा से गिरफ्तार हुए थे। इनमें बिहार का ऋतिक, हरियाणा के रेहान और फूल सिंह शामिल थे।

रेहान की मां शमशीदा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि इस केस का मास्टरमाइंड हरियाणा में छिपा है। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में आगे जानकारी नहीं दी।

मुंबई पुलिस मंगलवार देर रात तीन आरोपियों फूल सिंह, ऋतिक कुमार और रेहान को राजस्थान के कोटा से मुंबई लेकर आई।

अमृतसर से मुंबई तक हथियार सप्लाई की साजिश… 5 पॉइंट

1. कुणाल जेल से बाहर आने के बाद अनिल पंडित के संपर्क में आया

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। इसके बाद एक दोस्त ने उसकी मुलाकात लॉरेंस गैंग के मेंबर अनिल पंडित से कराई। दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत करने लगे।

पुलिस को शक है कि अनिल विदेश में रहकर अपने नेटवर्क के लोगों को निर्देश दे रहा था। करीब दो हफ्ते पहले अनिल ने कुणाल को अमृतसर से हथियार जुटाकर मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी। कुणाल ने इस काम में सुमित को साथ लिया।

2. अमृतसर में ‘डेड लेटर बॉक्स’ से उठाए हथियार

सूत्रों के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर पहुंचे। वहां एक तय जगह पर एक पिस्टल और 20 कारतूस रखे थे, जहां से उन्होंमने उसे कलेक्ट किया। लेकिन हथियार किसने रखे, यह कुणाल और सुमित को नहीं बताया गया। इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है।

इसमें सामान किसी तय जगह पर छोड़ दिया जाता है, जहां से दूसरा व्यक्ति उसे उठा लेता है। इस तरह दोनों को सीधे मिलने की जरूरत नहीं होती और पहचान का भी खुलासा नहीं होता।

सूत्रों का कहना है कि कुणाल और सुमित को हथियार लाने के लिए अनिल पंडित ने 70 से 80 हजार रुपए दिए थे। इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपए राधा और बबीता को दिए गए।

3. कुणाल ने राधा और बबीता को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया

जांच के मुताबिक, कुणाल की मुलाकात राधा से करीब दो महीने पहले हुई थी। राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने दोनों को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया।

15 अक्टूबर को कुणाल दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी। इसके बाद दोनों ट्रेन से मुंबई रवाना हुईं। यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में था और महिलाओं को निर्देश दे रहा था।

4. मुंबई में नाबालिग राधा से बैग लेकर चला गया

पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर चला गया।

जांचकर्ताओं को शक है कि बैग में रखी पिस्टल का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में हुआ था। पुलिस यह भी जांच रही है कि बैग लेने वाला लड़का वही नाबालिग था या नहीं, जिसे इस मामले में कोटा से गिरफ्तार किया गया है। इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

5. शूटरों को मुंबई से निकालने का काम भी कुणाल को सौंपा गया

18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। एक्टर सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट आई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद अनिल पंडित ने कुणाल से संपर्क किया और कहा कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं।

इसके बाद कुणाल को उन्हें शहर से बाहर निकालने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। इसी दिन राधा और बबीता दादर से हरिद्वार की ओर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुईं। पुलिस इस यात्रा और फायरिंग के बाद आरोपियों की आवाजाही के बीच संबंध की जांच कर रही है।

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