सूरत से कानपुर जा रही बस में आग, खिड़की तोड़कर बाहर निकले यात्री, लोगों के कैश-जेवर और कपड़े भी जलकर खाक



फायर ब्रिगेड पहुंची, तब तक पूरी बस जल चुकी थी
घटना की सूचना मिलते ही सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुरक्षा के लिए सड़क के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया और वाहनों को दूसरे रास्ते से निकाला। दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव के अनुसार, रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच बस के इंजन में हीट बढ़ने के कारण आग लगने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
दाहोद के पास कराई गई थी तकनीकी मरम्मत
यात्रियों ने बताया कि बस को दाहोद के पास एक होटल पर करीब चार घंटे तक रोका गया था। इस दौरान बस में कुछ तकनीकी मरम्मत कराई गई थी। मरम्मत के बाद बस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। कुछ समय बाद ही उसमें आग लग गई।
बेटे को खिड़की से बाहर निकाला, फिर खुद बचाई जान
हादसे के दौरान कानपुर निवासी नीलम पाल अपने 8 वर्षीय बेटे के साथ सफर कर रहीं थीं। बस में धुआं भरने पर उन्होंने पहले अपने बेटे को खिड़की से बाहर निकाला। इसके बाद खुद भी उसी रास्ते से बाहर निकलकर जान बचाई।
इस दौरान उनका बैग, उसमें रखी नकदी, चांदी की पायजेब और कपड़े आग में जल गए। अन्य यात्रियों का सामान और मोबाइल भी आग की चपेट में आ गए। कुल नुकसान का फिलहाल स्पष्ट आकलन नहीं हो पाया है।
यात्रियों को दूसरी बसों से आगे के लिए रवाना किया गया
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों की मदद की। इंदौर की ओर जाने वाली अन्य यात्री बसों को रुकवाया गया। यात्रियों को उनकी जरूरत और गंतव्य के अनुसार अलग-अलग बसों में बैठाकर आगे रवाना किया गया। पुलिस अब आग लगने की वजह का पता लगाने में जुटी है।















































