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Palm Oil Crisis: पेट्रोल ही नहीं अब समोसा समेत इन चीजों के रेट में होगी जबरदस्त उछाल,जानें क्या है कारण

Palm Oil Crisis: पेट्रोल डीजल एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ देश पर एक और बड़ा संकट खड़ा होने वाला है। पाम ऑयल को लेकर देश में किल्लत देखने को मिल सकती है। भारत हर साल लगभग 95 लाख टर्न फॉर्म तेल इस्तेमाल करता है और भारत में पाम ऑइल पैदा होता है मात्र चार लाख टन।

जिस पेड़ से पाम तेल बनता है उसे पेड़ को काफी पानी की जरूरत होती है। इसलिए भारत में नहीं बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया में इसका ज्यादातर उत्पादन किया जाता है। भारत ज्यादातर फॉर्म तेल इंडोनेशिया और मलेशिया से आयात करता है।

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भारत के ज्यादातर घर में पाम तेल से खाना बनाया जाता है इसके साथ ही साथ में भुजिया नमकीन साबुन आदि बनाने में भी पाम ऑइल का इस्तेमाल किया जाता है। पाम तेल से बनी चीजे लंबे समय तक खराब नहीं होती है।

पाम तेल से बनती है यह सब चीजें

पाम तेल से कुकीज केक पेस्ट्री की चीज बनाई जाती है। इसके साथ ही साथ नूडल्स चॉकलेट आइस क्रीम सब कुछ बनाया जाता है। होटल से लेकर रेस्टोरेंट ढाबे स्ट्रीट फूड हर जगह लोग पाम तेल से सब्जियों में तड़का लगाते हैं।

सिर्फ खाने की चीज नहीं साबुन शैंपू बॉडी वॉश इन सब चीजों में जो जाग बनता है वह सब जाग बनाने में पाम तेल का इस्तेमाल किया जाता है। क्रीम और लोशन में भी पाम आयल का इस्तेमाल किया जाता है। टूथपेस्ट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसका साफ मतलब है कि भारत के अधिकतर चीजों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

पाम तेल सस्ता होता है इसके साथ ही साथ यह लंबे समय तक खराब नहीं होता इसलिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब भारत में पाम तेल का आयात मुश्किल होने वाला है।

पाम तेल का आयात क्यों होने वाला है महंगा

इंडोनेशिया से भारत पाम आयल माँगाता है लेकिन इंडोनेशिया ने संकेत दिया है कि वह अब अपने देश से बाहर ज्यादा फॉर्म तेल नहीं भेजेगा। इंडोनेशिया में डीजल में पाम तेल मिलाया जाता है इसलिए उसने यह फैसला लिया है।पाम ऑइल का इस्तेमाल कम होगा तो सब चीजें महंगी हों जाएंगी।

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