मौसम अपडेट
Trending

Vigorous onset of pre-monsoon in the state; rain and hailstorms in 29 districts, drop in temperature.

मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक भले ही 20 जून के बाद होने की संभावना है, लेकिन उससे पहले प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में सक्रिय हैं।

24 घंटे के दौरान 29 जिलों में आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरे। श्योपुर में सबसे अधिक करीब पौने 2 इंच बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

राजधानी भोपाल में रातभर बारिश का दौर चला। गुरुवार सुबह भी कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। मंडला में पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में करीब आधा इंच पानी गिरा।

मौसम विभाग के अनुसार गुना, दमोह, सागर, उमरिया, मलाजखंड, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, विदिशा और मैहर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

इसके अलावा बैतूल, हरदा, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, रीवा, धार, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर और शहडोल में भी वर्षा दर्ज की गई। भोपाल में कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी सूचना है।

20 डिग्री सेल्सियस रहा भोपाल का न्यूनतम तापमान

बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। भोपाल का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। इंदौर में 25.8 डिग्री, ग्वालियर में 27.3 डिग्री, उज्जैन में 25.5 डिग्री और जबलपुर में 27.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 22.6 डिग्री, मलाजखंड में 22.8 डिग्री, खंडवा और दमोह में 23 डिग्री, श्योपुर और सागर में 23.4 डिग्री, बैतूल और मंडला में 23.5 डिग्री, धार में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री तथा नर्मदापुरम में 24.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

इधर मौसम विभाग ने गुरुवार दोपहर के लिए भोपाल समेत 22 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अलर्ट वाले जिलों में श्योपुर, मुरैना, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, नरसिंहपुर, सागर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर और दमोह शामिल हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इससे कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है।

इस बार समय पर नहीं आएगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में प्री-मानसून की एक्टिविटी है। ट्रफ, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से बारिश का दौर चल रहा है। दूसरी ओर इस बार प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है।

प्रदेश में मानसून के एंटर की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद, यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है।

Back to top button