युवक ने नाना-नानी, मां और बहन को मार डाला:अनूपपुर में एक की आंखें फोड़ी; मामा बोले- पत्थर से कुचला, परिवार खत्म कर दिया

मध्य प्रदेश के अनूपपुर में शनिवार को एक युवक ने अपनी नानी, नाना, मां और मामा की बेटी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हमले में नाना की आंखें भी फोड़ दी। परिवार के तीन लोग घायल हुए हैं, जबकि हमले में घायल पुजारी गंगाराम का भी इलाज चल रहा है। वारदात अमोदा गांव की है।
करनपठार पुलिस के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लिया गया है। मृतकों में 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड, 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड, 50 वर्षीय मां अनूपिया बाई और मामा की बेटी मोनिका शामिल हैं। घायलों में चंचल (6), भारती सिंह (3), चैन सिंह और पुजारी गंगाराम शामिल हैं।
वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

युवक ने अपने ही परिवार के 4 लोगों की हत्या की।

पुजारी को लाठी से पीटा, रात में बांध दिया
आरोपी के मामा चैन सिंह ने बताया कि उनका घर अमोदा गांव की बस्ती से करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास है। रात करीब 11 बजे प्रेम सिंह नाला पार कर शनि मंदिर पहुंचा। यहां उसने पुजारी गंगाराम को लाठी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में पुजारी लहूलुहान होकर बेहोश हो गए।
शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और प्रेम सिंह को रस्सी से बांध दिया। पुजारी के परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में जबलपुर ले गए। उन्हें वहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुजारी मूल रूप से डिंडौरी के शहपुरा के छुइली गांव के रहने वाले हैं।

आंगन में परिवार के लोगों की लाशें पड़ी।
सुबह रस्सी खोलकर घर पहुंचा, जो दिखा उसे पीटता गया
चैन सिंह ने बताया कि सुबह वह भैंस चराने जंगल की ओर गया था। इसी दौरान उनकी बहन अनूपिया बाई ने अपने बेटे प्रेम सिंह के हाथ-पैर खोल दिए। रस्सी खोलते ही वह नाला पार कर घर पहुंच गया। घर में चंचल (8), मोनिका (5), भारती (2), पिता संपत सिंह गोंड, मां भन्नी बाई और बहन अनूपिया मौजूद थे।
प्रेम सिंह ने अंदर घुसते ही पत्थर और लाठी से हमला शुरू कर दिया। उसने जो भी सामने आया, उसे पीटा। उसने सबसे पहले माता-पिता और बहन के सिर, हाथ-पैर पर लाठी से वार किए। बच्चे भी आंगन में खेल रहे थे। उन्हें भी पीटा गया।

घर के अंदर और आंगन में खून ही खून बिखरा।
बड़ी बेटी भागकर पहुंची, तब चैन सिंह घर गया
चैन सिंह ने बताया कि पास में घर होने के बावजूद डर की वजह से लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया।
शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुपिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया।
यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।
एक हफ्ते पहले ही इलाज के लिए मायके आई थी अनुपिया
चैन सिंह ने बताया कि उनकी बहन अनुपिया का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के पास मरदरी गांव में है। उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। प्रेम सिंह बड़ा बेटा है।
चैन सिंह के मुताबिक, प्रेम सिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अनुपिया भी तबीयत खराब होने के कारण करीब एक हफ्ते पहले इलाज कराने यहां आई थी। प्रेम सिंह तीन दिन पहले ही गांव आया था।

वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम।
पत्नी मारपीट से परेशान होकर छोड़कर चली गई थी
चैन सिंह ने बताया कि प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी। वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी।
मौके पर मेडिकल टीम पहुंची
पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया- बेनीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। फिलहाल शवों की जांच और फोटोग्राफी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शवों को बेनीबारी लाकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर संभव है या शवों को बेनीबारी लाया जाएगा, यह फॉरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की स्थिति के आधार पर तय होगा।













































