Ratlam News: स्कूल बसों की जांच में लापरवाही उजागर, 5 बसों के इमरजेंसी गेट पैक तो 2 में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले

Ratlam News: शहर में स्कूल बसों में स्पीड गवर्नर, बीमा, आपातकालीन खिड़की व दरवाजों के नट-बोल्ट सहित अन्य सुरक्षा मानकों की हकीकत जानने के लिए जिला परिवहन विभाग ने जांच की। बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को मोबाइल पर चालू कर उनकी कार्यप्रणाली भी परखी गई।
परिवहन विभाग की टीम बरबड़ रोड स्थित श्री गुरु तेग बहादुर अकेडमी पहुंची, जहां बसों के बोनट खुलवाकर स्पीड गवर्नर की जांच की गई। सभी बसों में स्पीड गवर्नर लगे पाए गए। अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट व कार्यक्षमता की जांच की गई। यहां 2 बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले। इस पर 2 वाहनों से 6 हजार रुपए का समझौता शुल्क वसूला गया।
जांच के दौरान जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लौरे ने जब बसों की आपातकालीन खिड़कियां और दरवाजे खोलने को कहा तो वे नट-बोल्ट से कसे पाए गए। 5 बसों के दरवाजे पूरी तरह पैक मिले, जिस पर 15 हजार रुपए का सम्झौता शुल्क वसूला गया। इस दौरान बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों को मोबाइल में चलाकर देखा गया। जांच में सभी सही पाए गए। जुर्माने के बाद सभी 7 बसों का 5 दिन में भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
कॉलेज बस का फिटनेस नहीं मिला
सृजन कॉलेज की बस की जांच में फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं मिला। इस पर 16 हजार रुपए का समझौता शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग ने सभी स्कूल व कॉलेज संचालकों को निर्देश दिए कि वैध बीमा, परमिट, फिटनेस, पीयूसी, चालक का लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी, स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और आपातकालीन खिड़की-दरवाजे ठीक रखकर ही वाहनों का संचालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम-1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।


















































