
उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश, भूस्खलन और तेज हवाओं के चलते हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में सड़कें बंद हैं, जबकि नदियों और नालों का जलस्तर बढऩे से बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। यूपी में 60 लोगों की मौत हुई है.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी भूस्खलन होने से करीब 4 हजार श्रद्धालुओं के फंसे होने की सूचना है। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण मार्ग को खोलने में दिक्कत आ रही है। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए रविवार को केदारनाथ धाम की यात्रा रोक दी गई। इसके साथ ही केदारनाथ के लिए हेली सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
उत्तराखंड के सभी जिलों में शनिवार से तेज बारिश का दौर जारी है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका के चलते लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद बारिश हुई। कल्पा में सबसे अधिक 20.5 मिलीमीटर और शिमला में 9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ। पूह के कुन्नू और छितकुल में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत करीब 45 शहरों में लंबे समय से बारिश जारी है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। राज्य के 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
आंधी और बारिश के कारण उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों में 60 लोगों की मौत होने की सूचना है। कई जिलों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गई हैं। तेज हवाओं के चलते हजारों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।






































