
भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार रेल कर्मचारियों को त्योहारी तोहफे के रूप में प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) को मंजूरी दे दी है. केंद्र सरकार हर साल त्योहारी सीजन में इस बोनस का ऐलान करती है. इस बोनस का फायदा 11 लाख से अधिक कर्मचारियों को होगा.
कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. वैष्णव ने बताया कि सरकार कुल 2009 करोड़ रुपए बोनस के रूप में देगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे में एक लाख पैंसठ हज़ार पदों पर भर्ती की जा रही है. 2014 के बाद में अब तक 5 लाख नौकरी दी जा चुकी हैं.
केंद्रीय केबिनेट ने बैंकिंग क्षेत्र में भी एक बड़ा कदम उठाते हुए आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत स्ट्रैटेजिक पार्टनर का चयन कर लिया गया है. यह देश के बैंकिंग इतिहास में सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीए) में से एक साबित होने जा रहा है. बैंक की 60.72 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी. इस पुनर्गठन और रणनीतिक विनिवेश के बावजूद सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) दोनों मिलकर बैंक में अपनी 34 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे.
रेलवे कर्मचारियों को हर साल मिलता है बोनस
रेलवे कर्मचारियों को उत्पादकता आधारित यह बोनस हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियों से ठीक पहले जारी किया जाता है. इस बार भी कर्मचारियों को लगभग 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मिला है. प्रत्येक पात्र कर्मचारी के खाते में अधिकतम 17,951 रुपये तक बोनस के रूप में आएंगे












































