मध्यप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल, 19 जून। मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज हो रही हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, सिवनी और डिंडौरी जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में बादल छाए रहने से दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि इंदौर में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कहीं-कहीं अतिवृष्टि जैसी स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों के उफान पर आने की संभावना जताई गई है।
बारिश की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। प्रदेश के कई हिस्सों में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज हो गया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि पर्याप्त नमी वाले खेतों में सोयाबीन, मक्का, धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर सकते हैं। हालांकि लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। गरज-चमक के समय खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे जलाशयों में जलस्तर बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।





