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Soybean Rate: सोयाबीन की कीमतें हुई धड़ाम, 2 दिन में 1 हजार कम हुए दाम

Soybean Rate Update: सोयाबीन की कीमतों में पिछले दो दिनों में गिरावट का दौर चल रहा है। जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में सोयाबीन 1000 रुपए तक सस्ती हो गई है। मंडियों में सोयाबीन व सरसों के गिरते दामों को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जताई व नेताओं ने मंडी पहुंचकर किसानों से चर्चा की। नेताओं का कहना है कि औने-पौने दामों में फसल बिकने से किसान और व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

बुधवार को मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामप्रसाद फरक्या, मंडलम अध्यक्ष दिनेश गुप्ता सहित अन्य नेता कृषि उपज मंडी पहुंचे और किसानों से चर्चा की। यहां किसान केशुराम धनगर रीछा, नाथूलाल पाटीदार काचरिया, बापूलाल पाटीदार, रूपी, शिवलाल गोस्वामी सहित अन्य किसानों ने बताया कि केंद्र में मोदी सरकार के कार्यकाल में किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को उनकी उपज का वाजिब भाव नहीं मिल पा रहा है। देश में सोयाबीन का उत्पादन बड़ी मात्रा में होने के बावजूद अमेरिका से तेल आयात कर यहां के किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। किसानों ने बताया कि ट्रेड डील के बाद दो दिनों में सोयाबीन के भाव 800 से 1000 रुपए तक घट गए हैं।

ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव में निर्णय ले रही है, इससे देश के किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से अफीम, गेहूं, चना, चिया सहित कई फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला है। ट्रेड डील के बाद किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है। मांग की गई कि सरकार आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिल सके और उनकी आय में सुधार हो। इस मौके पर अनिल मुलासिया, किशोर उणियारा, पप्पू गुर्जर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।

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