कारोबार

स्थानीय मंडियों में सरसों की नई आवक हुई शुरू, तुअर के भाव 100 रु. तक टूटे

Today Mandi Bhav: मप्र में त्यौहारी सीजन से पहले अनाज बाजार में हलचल बढ़ने लगी है। एक ओर केन्द्र सरकार ने गेहूं पर लगी भंडारण सीमा हटाकर बाजार को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय मंडियों में दलहन बाजार दबाव में बने हुए हैं। छावनी थोक अनाज मंडी में तुअर के भाव में 100 रुपए प्रति क्विंटल तक नरमी दर्ज की गई। दाल मिलों की मांग कमजोर रहने से लेवाल पीछे हटे हुए नजर आए। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार तुअर में पिछले कुछ दिनों से दबाव बना हुआ है। चना, मसूर और मूंग में भी सीमित उठाव के कारण बाजार सुस्त बना रहा। सरसों की नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है, जिससे आगे भाव पर दबाव की संभावना जताई जा रही है।

इसी कड़ी में महेंद्रकुमार प्रकाशचंद्र के यहां आष्टा से 25 कट्टे नई सरसों की आवक हुई, जिसे मोहनलाल एंड सन्स ने दलाल सुरेश हेड़ा के माध्यम से 6301 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम रहने तथा कीमतें काफी हद तक स्थिर रहने के चलते केन्द्र सरकार ने गेहूं पर लागू भंडारण सीमा का आदेश वापस ले लिया है। इससे इस प्रमुख खाद्यान्न के दामों में सीमित सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार जानकारों का मानना है कि कीमतों में जोरदार तेजी की संभावना कम है, क्योंकि आगामी सीजन में गेहूं का उत्पादन बेहतर रहने का अनुमान है।

पिछले वर्ष से 30 लाख टन ज्यादा गेहूं का स्टॉक

केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार 27 मई 2025 को गेहूं पर भंडारण सीमा लागू की गई थी और सभी संबंधित पक्षों को सरकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण देना अनिवार्य किया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उद्योग-व्यापार क्षेत्र के पास करीब 81 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 लाख टन अधिक है। सरकारी गोदामों में भी पर्याप्त भंडार होने से खाद्य सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।

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