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Income Tax: आय और संपत्ति की जानकारी नहीं देने पर लगेगा 60% टैक्स, आयकर विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन

Income Tax New Guideline: देश में 1 फरवरी से फाइनेंशियल ईयर 2026-27 शुरू हो गया है। नए फाइनेंशियल ईयर के शुरू होने के बाद अब लोगों की जीवन में कई बड़े आर्थिक बदलाव देखने को मिलेंगे। बैंकिंग सेक्टर में आए और संपत्ति की जानकारी नहीं देने वाले लोगों को अब टैक्स के रूप में भारी भरकम राशि चुकानी पड़ सकती है। इनकम टैक्स विभाग की नई गाइडलाइन (Income tex new guideline) के अनुसार अब विदेशी आय या संपत्ति की बिल्कुल भी जानकारी नहीं देने पर 60% टैक्स लगाया जाएगा। आयकर विभाग की गाइडलाइन के तहत ऐसी आय या संपत्ति जो छुपाई गई है और उसकी मार्केट वैल्यू या अघोषित आय एक करोड़ रुपए है तो उस पर 30% टैक्स और जमाने के बदले 30% अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। यानी अघोषित आय पर उपभोक्ता को 60% टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। वहीं यदि किसी व्यक्ति के पास विदेशी संपत्ति की कीमत 20 लाख से कम है तो उस व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति की जानकारी छुपाने पर जुर्माना नहीं लगेगा।

आय का सही सोर्स नहीं बताने पर भी लगेगा 60% जुर्माना

आयकर विभाग की गाइडलाइन (Income tex new guideline) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपनी आय का सोर्स बताने में असमर्थ है तो उसे व्यक्ति पर विभाग की ओर से 60% जुर्माना लगाने का प्रावधान है। ऐसे व्यक्ति जो अपनी आय का उचित स्त्रोत बताने में असमर्थ हैं उन पर आयकर विभाग की धारा 68 के तहत 60% टैक्स लगाया जा सकता है। हालांकि ऐसे केस में बैंक उपभोक्ता द्वारा आय का उचित सोर्स बताने पर आयकर विभाग की ओर से किसी प्रकार का जुर्माना लगाने का प्रावधान नहीं है।

10 लाख से अधिक कैश डिपॉजिट करने पर आयकर विभाग को सूचना

बैंक उपभोक्ताओं द्वारा अपने सेविंग अकाउंट में 10 लाख से अधिक कैश डिपॉजिट करने पर इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी पड़ेगी। सरकार द्वारा सेविंग अकाउंट में कैश डिपॉजिट की लिमिट निर्धारित की गई है। इस लिमिट से अधिक कैश डिपॉजिट करने पर आयकर विभाग उपभोक्ता पर कार्रवाई कर सकता है। वहीं इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 194N के तहत एक करोड़ से अधिक विड्रोल करने पर 2% टीडीएस का प्रावधान रखा गया है।

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