मध्यप्रदेश

मप्र के इस जिले में 26 करोड़ रुपए से सीवरेज लाइन से जुड़ेंगे 8 हजार घर, भोपाल और इंदौर की टीम करेगी सर्वे

MP News: मप्र के खरगोन शहर की जीवनदायिनी कुंदा नदी को गंदगी से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहरी क्षेत्र के नालों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे कुंदा नदी में मिलने से रोकने के लिए अमृत योजना-2 के तहत कार्य किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही भोपाल और इंदौर से तकनीकी टीम खरगोन पहुंचेगी, जो शहरी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का सर्वे कर समाधान का खाका तैयार करेगी।

करीब 50 करोड़ रुपए से शहर में सीवरेज लाइन बिछाई गई है। साथ ही 17.6 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किया है। जिसकी लागत लगभग 18 करोड़ रुपए है। इसके बावजूद शहर का गंदा पानी कुंदा नदी में ही मिल रहा है। शहर में 14 नाले हैं, इनमें से छह नालों का पानी कुंदा में मिल रहा है। नगर पालिका इस बार कुंदा नदी में मिल रहे गंदे पानी की समस्या का जड़ से निराकरण करने की तैयारी में है। हाल ही में भोपाल में सीवरेज प्रोजेक्ट को लेकर हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की गई। नपा अधिकारियों ने NDA विभागीय अधिकारियों को पूरे हालात से अवगत कराया, जिसके बाद समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की स्वीकृति दी गई।

शहर में अमृत-2 योजना के तहत ये काम होंगे

अमृत योजना-2 के दूसरे चरण में जैतापुर क्षेत्र के तीन वाडों के करीब 8 हजार घरों को सीवरेज लाइन से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है और इसी माह काम शुरू किया जाएगा। शासन से इस परियोजना के लिए 26 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। क्षेत्र में दो शिफ्टिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। नगर पालिका के अनुसार योजना के तीसरे चरण में दामखेड़ा, औरंगपुरा और सुखपुरी क्षेत्र को भी सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

शहर से रोज निकलता है 7 एमएलडी से अधिक गंदा पानी, सीवरेज लाइन फूटी

वर्तमान में शहर से प्रतिदिन 7 एमएलडी से अधिक गंदा पानी निकल रहा है। इसे कुंदा नदी में मिलने से रोकने के लिए भोपाल और इंदौर की तकनीकी टीम संयुक्त संयुक्त रूप से सर्वे कर प्रोजेक्ट तैयार करेगी। टीम नदी में दोनों किनारों से मिलने वाले नालों का निरीक्षण करेगी। समस्या के स्थायी समाधान के लिए अमृत-2 योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। वर्तमान में कुंदा नदी के किनारे बिछाई गई सीवरेज पाइप लाइन पूरी तरह गंदे पानी से भरी हुई है। कई स्थानों पर सफाई के लिए पाइप को तोड़ा भी गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका। न तो पाइप लाइन की प्रभावी सफाई हो पा रही है और न ही इन्हें हटाने का विकल्प नगर पालिका के पास मौजूद है।

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