रतलाम जिले में अब बिना नंबर की गाड़ियां सीधे होंगी जब्त, न चालान कटेगा न सिफारिश चलेगी

Ratlam News: रतलाम जिले में तस्करी, चोरी और चेन स्नेचिंग की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस ने अब तक का सबसे सख्त रूख अख्तियार किया है। अब सड़कों पर बिना नंबर प्लेट या अप्लाइड फॉर लिखी तख्ती लगाकर घूमने वाले वाहन चालकों की खैर नहीं। सोमवार से ऐसी गाड़ियों का चालान काटने के बजाय उन्हें सीधे जब्त किया जाएगा। इस मामले में किसी की सिफारिश नहीं चलेगी, सीधे गाड़ी जब्त होकर थाने पहुंचेगी। जब गाड़ी मालिक आरसी कार्ड, आधार कार्ड लेकर नंबर लिखी प्लेट लेकर आएगा तब उसकी गाड़ी छोड़ी जाएगी।
यह कार्रवाई सोमवार से शहर के चारों थाना क्षेत्रों व जावरा के दोनों क्षेत्रों में शुरू की जाएगी। पुलिस यह बड़ा एक्शन इसलिए ले रही है ताकि अपराध करने के लिए बिना नंबर की गाड़ी से आने वालों पर रोक लग सके। बिना नंबर की गाड़ियों की जब्ती का सघन अभियान सोमवार से शुरू किया जाएगा। इसके लिए शहर के चारों थानों व ट्रैफिक थाने को मिलाकर टीमें तैयार की हैं। वहीं जावरा में दोनों थानों ने टीमें तैयार की हैं। इसमें नंबर प्लेट किसी तरह से छिपाने, नंबर प्लेट पर नंबर की जगह अन्य नाम, सरनेम, स्पष्ट रूप से नहीं पढ़ी जाने वाली और चित्र बनवाने वालों पर भी गाड़ी जब्ती की कार्रवाई होगी। यदि किसी ने नई गाड़ी खरीदी है और नंबर नहीं मिला है तो कंपनी से मिले अस्थायी नंबर की प्लेट लगवाएं।
गुजरात के गोधरा से मिला आइडिया, धीरे-धीरे पूरे जिले में लागू होगा
स्टेशन रोड थाना टीआई जितेंद्रसिंह जादौन ने बताया कि कुछ समय पहले एक अपराधी को पकड़ने गुजरात के गोधरा गए थे। नंबर प्लेट के आधार पर रतलाम की गाड़ी देखकर अपराधी अलर्ट नहीं हों इसलिए बिना नंबर की गाड़ी लेकर गए। वहां जगह-जगह पुलिस ने हमारी गाड़ी रोकी। पूरी जानकारी लेने के बाद ही छोड़ा। हमने सोचा बार-बार गाड़ी रोकने की परेशानी से बचने के लिए गुजरात का एक नंबर लिखवा लेते हैं तो हम दुकान पर गए लेकिन वहां बिना आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और आधार कार्ड के नंबर लिखने से मना कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यहां इसको लेकर पुलिस की बड़ी सख्ती है। इसके चलते यहां भी अपराध रोकने के लिए एसपी अमित कुमार के मार्गदर्शन में इसे लागू किया गया है। एसपी कुमार ने बताया कि फिलहाल शहर के चारों थानों और जावरा के दोनों थानों में इसे लागू किया है। हालांकि बाकी थानों में निर्देश दिए हैं ताकि वहां समझाइश शुरू की जाए। फिर वहां भी सख्ती की जाएगी।
प्लेट की गाड़ियों का उपयोग अपराध में 90 फीसदी बिना नंबर
पुलिस के अनुसार डेटा विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि अपराध में 90 फीसदी बिना नंबर प्लेट की गाड़ियों का उपयोग होता है। इसके चलते सीसीटीवी फुटेज आने के बाद बावजूद अपराधियों की पहचान नहीं हो पाती है। जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। 6 महीने पहले रतलाम के मुख्य पोस्ट ऑफिस में चोरी हुई तो चोर ने बिना नंबर प्लेट की गाड़ी का उपयोग किया था। शुक्रवार को ताल में चेन स्नेचिंग भी बिना नंबर प्लेट की बाइक से की गई। इसके पहले तस्करी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बिना नंबर की कार का उपयोग किया गया। इस लूपहोल को बंद करने के लिए गाड़ी जब्ती की कार्रवाई शुरू की है।
नंबर व आरसी की जांच होगी
अमित कुमार, एसपी रतलाम ने बताया कि इस अभियान की अगली कड़ी में सभी गाड़ियों की नंबर प्लेट और आरसी की जांच की जाएगी। इसमें पुलिस के पोर्टल पर दर्ज चोरी की गाड़ियों के नंबर से भी मिलाया जाएगा ताकि चोरी की गाड़ियां पकड़ सकें। बिना नंबर की गाड़ियां सिर्फ ट्रैफिक का मुद्दा नहीं, सुरक्षा को बड़ा खतरा है-बिना नंबर की गाड़ियां सिर्फ ट्रैफिक का मुद्दा नहीं है, इससे सुरक्षा को बड़ा खतरा है। इसलिए बिना नंबर की गाड़ियों का चालान बनाने के बजाय जब्त की जाएगी। रतलाम शहर व जावरा शहर में नाकाबंदी कर ऐसे वाहनों को जब्त किया जाएगा।
























