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Success Story: रतलाम की बेटी दीपांशी ने सिविल जज बनकर लहराया सफलता का परचम, मोबाइल रील देखने के बजाय स्टडी को बनाया साथी

Ratlam News: रतलाम की बेटी दीपांशी जैन (24) ने छत्तीसगढ़ सिविल जज (व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी) की परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल की है। दीपांशी ने 12वीं तक की पढ़ाई रतलाम में की। इंदौर से लॉ किया और जज बनने की तैयारी भी। दीपांशी कहती हैं कि मोबाइल पर रील देखने बजाय मैंने इसे अपनी स्टडी का साथी बनाया। इस पर बेहतरीन कोचिंग के बारे में पता किया। ऑनलाइन क्लास अटेंड की। मॉक टेस्ट दिए, पढ़ाई से जुड़ी क्लास के सब्सक्रिप्शन लिए। रोज 14 घंटे पढाई पर फोकस किया।

मित्र रोड निवासी ईपीएफ व ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) व सर्विस प्रोवाइडर दीपक जैन की बेटी दीपांशी ने पहले प्रयास में ही छत्तीसगढ़ व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी परीक्षा 2024 पास कर ली है। एसबीआई के मैनेजर पद से रिटायर्ड दादाजी ज्ञानचंद जैन, दादी आशा जैन व मां दीपा जैन ने दीपांशी को पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित किया। दीपांशी बताती हैं कि सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल रतलाम से कॉमर्स में 12वीं करने के बाद जब कॅरियर डिसाइड करने की बारी आई तभी मैंने तय कर लिया था कि जज बनना है। इसके लिए मैंने इंदौर के इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ में एडमिशन लिया।

5 साल में यानी 2024 में लॉ कम्पलीट होते ही जज की वैकेंसी भरना शुरू की। तैयारी के लिए इंदौर में कोचिंग की। पर्सनालिटी डेवलप करने पर भी काम किया। लॉ की तैयारी के समय ही मोबाइल को मनोरंजन का साधन बनाने के बजाय इस पर वही कंटेंट देखा जिसमें कॅरियर व पढ़ाई से जुड़ी बात हो। रील देखने से रोकने के लिए कई बार मन को मारना पड़ता था, जिसमें मैं कामयाब रही। यहीं नहीं दोस्तों से जब मेरी बातचीत होती थी तो उसमें भी पढ़ाई पढ़ाई के के बारे में ही बात होती थी। शादियों व अन्य समारोहों से भी कुछ समय के लिए दूरी बनाई ताकि पढ़ाई पर फोकस बना रहे।

मेंस में 100 में से 73 और इंटरव्यू में 15 में से 9 नंबर मिले

दीपांशी ने जज की प्री परीक्षा पास करने के बाद मेंस में 100 में से 73 अंक हासिल किए। वहीं इंटरव्यू में 15 में से उसे 9 नंबर मिले। दीपांशी ने बताया कि मैंने राजस्थान जज की परीक्षा भी दो बार दी और प्री क्लियर भी की लेकिन मेंस में अटक गई। इस परीक्षा को मैंने अपना लास्ट चांस मानते हुए पूरी ताकत से तैयारी की। सितंबर 2025 में इसकी प्री परीक्षा हुई, दिसंबर 2025 में मेंस हुई और 13 फरवरी को इंटरव्यू के बाद 20 फरवरी को रिजल्ट आया। दीपांशी की छोटी बहन यशांसी 12वीं में पढ़ रही हैं। (Success story of Deepanshi Jain)

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