Ratlam News: रतलाम के इस शहर में आज से सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल, वेतन जारी होने से पहले नहीं करेंगे काम

Ratlam News: रतलाम जिले के जावरा शहर की नगरपालिका परिसर में धरना-प्रदर्शनों की हैट्रिक हो गई। तीसरे दिन सभी सफाई कर्मचारी संगठनों ने धरना देकर नारेबाजी की। बोले कि समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की लोन किस्तें ड्यू हो गईं। हर महीने ऐसा होता है और फिर पैनाल्टी भरना पड़ती है। दिनभर नपा में धरना दिया और जब यहां सीएमओ, नपाध्यक्ष नहीं मिले तो रैली के रूप में विधायक के घर पहुंचे। वहां ज्ञापन देकर 13 फरवरी की सुबह से कामबंद हड़ताल की चेतावनी दी। इसके पहले मंगलवार को भाजपा पार्षदों ने वाडों में काम नहीं होने तथा बुधवार को स्थायी-अस्थायी सहित सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने से धरना दिया था। गुरुवार को सफाईकर्मी मैदान में उतर गए।
राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा अध्यक्ष किशोर कल्याणे, अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ अध्यक्ष करण कल्याणे, नपा सफाई कर्मचारी संघ अध्यक्ष शिव चावरे के नेतृत्व में नपा सीएमओ ऑफिस के पास सभी कर्मचारी धरने पर बैठे। इन कर्मचारी
नेताओं ने नारेबाजी के साथ ही नपा के जिम्मेदारों को आड़े हाथ लिया। कर्मचारी संगठन के नेता राकू उर्फ राकेश चावरे (अस्पतालकर्मी) तो मोबाइल से वीडियो बनाते हुए नपा उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा के पीछे ही पड़ गए। उन्होंने कहा सीएमओ से वस्तुस्थिति पता चलेगी। एक-दो दिन में निराकरण हो जाएगा। हालांकि कर्मचारी सीएमओ और नपाध्यक्ष से मिलने के लिए रुके रहे लेकिन ये बाहर थे। इसलिए मौके पर नहीं पहुंचे तो आक्रोशित कर्मचारी नारेबाजी करते हुए विधायक के घर पहुंच गए। वहां किसी कर्मचारी को पत्र दिया। इसके साथ सफाई कर्मचारी संघ संयुक्त मोर्चा ने 13 फरवरी शुक्रवार से हड़ताल की घोषणा कर दी।
ये मांगें भी रखीं
एरियर व ट्रैक सूट के लिए भी दिया ज्ञापनः हर महीने की 5 तारीख तक वेतन देने की मांग की। इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को छह महीने का एस्थिर दें। इनके कार्य दिवस 29 की जगह 30 किए जाएं। महिला कर्मचारियों को स्वेटर और पुरुष कर्मचारियों को ट्रैक सूट व जूते उपलब्ध करवाएं।
रात 8 बजे सीएमओ रतलाम से आए लेकिन नहीं बनी बात
रतलाम वीसी से रात 8 बजे सीएमओ राहुल शर्मा नपा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने रात में ही कर्मचारी नेताओं को बुलाकर चर्चा की लेकिन हड़ताल खत्म करने को लेकर बात नहीं बनी। सीएमओ शर्मा ने समझाने के साथ ही भुगतान नहीं होने की वस्तुस्थिति बताई। कहा इसी महीने से नया पोर्टल लांच हुआ और उसमें एक ही मद से भुगतान की व्यवस्था है। लेकिन नपा के पास किसी एक मद में पूरे 1 करोड़ 30 लाख नहीं है। 90 लाख चुंगी क्षतिपूर्ति मद में हैं और बाकी निकाय निधि से करना पड़ेंगे लेकिन पोर्टल उसकी एंट्री नहीं ले रहा इसलिए वेतन अटका हुआ है लेकिन कर्मचारी नहीं माने।
एचआरएमएस पोर्टल की दिक्कत के कारण दूसरी निकायों में भी वेतन नहीं दे पाए
मप्र के निकायों में वेतन भुगतान के लिए शासन ने हाल ही में एचआरएमएस पोर्टल का नया वर्जन लांच किया है। इसमें यह बताना होता है कि वेतन का भुगतान किस मद से किया जा रहा है। चूंकि पोर्टल नया है और इसमें एक से अधिक मद से भुगतान का ऑप्शन नहीं है इसलिए अलग से टिकट बनाकर रिक्वेस्ट भेजना पड़ रही है। फिर भी भोपाल स्तर से एक से अधिक मद से भुगतान की अनुमति नहीं मिल रही। इसी समस्या के कारण ताल, आलोट और सैलाना नगरपरिषद भी समय पर वेतन भुगतान नहीं कर सकी। यही स्थिति प्रदेश की अन्य निकायों में भी सामने आ रही है।





































