मंदसौर

Hailstorm: कश्मीर बना मंदसौर, लगातार तीन दिन आफत बनकर बरसे ओले, फसल हुई बर्बाद

Mandsaur News: मंदसौर जिले में लगातार तीन दिन हुई ओलावृष्टि ने जिले को कश्मीर बना दिया है। बीती रात हुई भारी ओलावृष्टि ने जिले के कई गांव की धरती को सफेद चादर से ढक दिया। किसानों पर पिछले तीन दिनों से लगातार आफत बनकर बरसी बर्फ के बाद इसका एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें एक किसान मल्हारगढ़ एसडीएम के सामने पैरो में गिरकर रो रहा है। रविवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि से कई गांवों में नुकसान हुआ। सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात और मांगलवार सुबह फिर फसलों को ओलो की मार झेलना पड़ी। सुबह नगरी, कचनारा, पलासिया, निंबोद, सरसोद, खजुरिया सारंग, देहरी, मजेसरी सहित कई गांवों में ओलावृष्टि से खेतों में फसले बर्बाद हो गई। एक बार फिर ओलावृष्टि से कई किसानों को बड़ा नुकसान होने की खबर है।

प्रदेश की बात करें तो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से प्रदेश में ओले, बिजली, बारिश और आंधी का दौर जारी है। रविवार रात से मंगलवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में ओले-बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी में झोपड़ी पर बिजली गिरने से किसान जिंदा जल गया। ग्वालियर और मंदसौर जिले में ओले गिरे। जबकि, भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर मालवा और गुना में बारिश हुई। इससे पहले सुबह रायसेन में ओस की बूंदें जम गईं। ग्वालियर में ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है।

मौसम विभाग ने किया था 20 जिलों में मावठ गिरने का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट जारी किया था। भोपाल और सीहोर में 50 मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां पर 50 मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। दतिया, रायसेन, उज्जैन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी कोहरे के आगोश में रहे। इसके साथ ही मंडला, नौगांव, टीकमगढ़, मलाजखंड में भी घने और मध्यम कोहरे का असर दिखा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं। इधर, रात के तापमान में गिरावट नहीं हुई है। सभी शहरों में पारा 10 डिग्री के पार ही रहा। हालांकि, बारिश का दौर थमने के बाद ठंड का एक दौर आ सकता है।

एसडीएम के पैरों में गिरा किसान

इसके पहले मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झारड़ा और आसपास के इलाकों में रबी की फसलों, खासकर अफीम और गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। सोमवार शाम को जब एसडीएम स्वाति तिवारी नुकसान का जायजा लेने पहुंचीं, तो एक पीड़ित किसान अपना दर्द बयां कर रोते हुए उनके पैरों में गिर पड़ा। सोमवार शाम एसडीएम स्वाति तिवारी मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झारड़ा में फसलों के सर्वे के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एसडीएम और किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की चर्चा चल रही थी, तभी पास ही में खड़ा एक किसान रोते हुए नजर आया। किसान का कहना है कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और 40 हजार की दवाइयां अफीम खेत मे डाली थी, ओलावृष्टि होने से बाकी किसानों के साथ उनकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रोते हुए एसडीएम के पैरों में गिर गया। तभी मौके पर मौजूद लोगों ने उसे रोका।

सिस्टम लौटने पर सर्दी का असर बढ़ेगा

बता दें कि पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग का कहना है कि जब सिस्टम वापस लौटेगा तो ठंड का असर एक दौर और आएगा। प्रदेश में दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

फरवरी में ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। दो और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है।

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