मंदसौर

Mandsaur News: मंदसौर जिले के 1100 किसानों को मिलेंगे सोलर पंप, केंद्र सरकार से मिलेगा 30% अनुदान

Mandsaur News: मंदसौर जिले के वे दूरस्थ अंचल जहां बिजली की लाइन या नेटवर्क नहीं है, वहां अब सूरज की रोशनी किसानों की सिंचाई का भरोसा बन रही है। खेतों तक बिजली पहुंचाने की मुश्किल और हर सीजन अस्थाई कनेक्शन लेने की मजबूरी से जूझ रहे किसानों के लिए अब सोलर पंप राहत लेकर आए हैं। जिले में 1100 किसानों के सोलर पंप के वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं, वहीं 7 हजार से ज्यादा अस्थाई बिजली कनेक्शन अभी भी सिंचाई का मुख्य आधार बने हुए हैं। हर साल फसल बचाने के लिए किसानों को अस्थाई कनेक्शन लेना पड़ता है। इससे अतिरिक्त खर्च और समय दोनों बढ़ते हैं। योजना के तहत आवेदन करने वाले पात्र किसान भी वही हैं जिनके पास स्थाई कनेक्शन न हो।

इसी बीच, सब्सिडी के साथ सोलर विकल्प ने किसानों की उम्मीदें बढ़ाई हैं। जहां लाइन खींचना मुश्किल है, वहां सोलर पंप न सिर्फ स्थायी समाधान बन रहे हैं, बल्कि बिजली बिल और निर्भरता की चिंता भी कम कर रहे हैं। अक्षय ऊर्जा विभाग के अनुसार, सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम कुसुम योजना’ का घटक-बी प्रदेश में ‘प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना’ के नाम से संचालित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मंदसौर जिले के किसानों को सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम हो रही है और खेती की लागत में भी कमी आएगी।

किसानों के लिए अनुकूल है वित्तीय व्यवस्था

अधिकारियों के अनुसार, योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना के लिए सरल व लाभकारी वित्तीय व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसमें किसान को केवल 10 प्रतिशत राशि देनी पड़ती है। 30 प्रतिशत अंशदान करना होता है। केंद्र सरकार द्वारा प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इस ऋण की गारंटी मध्यप्रदेश शासन द्वारा दी जा रही है। ऋण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को नोडल बैंक नियुक्त किया गया है।

योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया

योजना का लाभ प्राप्त करने तथा वेंडर द्वारा कार्य प्रारंभ करने के लिए ऋण स्वीकृति अनिवार्य है। इसके लिए किसान को कुसुम-बी राज्य पोर्टल से एआईएफ (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही नोडल बैंक में किसान का खाता एवं सीआईएफ की उपलब्धता आवश्यक है। ऊर्जा अधिकारी महेश हनुमंत के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक मंदसौर जिले में योजना के अंतर्गत कुल 1120 आवेदनों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। इस योजना से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई, कम लागत में खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिल रहे हैं।

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