मंदसौर

Mandsaur News: मंदसौर के मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ को 4 माह से नहीं दी तनख्वाह, प्रोफेसरों की सैलरी भी अटकी

Mandsaur News: मंदसौर जिले में ‘नाम बड़े और दर्शन खोटे’ वाली कहावत इन दिनों सुंदरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज पर सटीक बैठती नजर आ रही है। 232 करोड़ से बना भवन, आधु आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच हकीकत यह है कि संस्थान अंदर ही अंदर बजट की भारी किल्लत से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि पैरामेडिकल स्टाफ बीते चार महीनों से तनख्वाह के इंतजार में है।

वेतन न मिलने से कर्मचारियों के घरों की आर्थिक गाड़ी पटरी से उतरने लगी है है लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया। यही नहीं, कॉलेज के प्रोफेसरों को भी समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। अगस्त और दिसंबर माह का भुगतान आज तक लंबित है। इससे असंतोष गहराता जा रहा है।

कॉलेज में जिन द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के वे कर्मचारियों की नियुक्ति सितंबर में हुई। उन्हें जॉइनिंग के बाद से अब तक एक रुपया भी नहीं मिला। ऐसे में न सिर्फ स्टाफ, बल्कि पूरे कॉलेज की व्यवस्था गड़बड़ाने की आशंका है। चार महीनों से वेतन नहीं मिलने का असर अब कर्मचारियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि लगातार सैलरी अटकी रहने से घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। कई कर्मचारियों को बच्चों की स्कूल फीस जमा करने में दिक्कत हो रही है, तो कुछ कुछ को मकान किराया और बिजली-पानी के बिल चुकाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि किराना, दूध और दवाइयों जैसी जरूरी चीजें भी अब उधार में लेनी पड़ रही हैं।

जिनकी इंटर्नशिप पूरी हो गई उन्हें तक नहीं दिया स्टाइपेंड

कॉलेज में वर्तमान में 40 फैकल्टी कार्यरत हैं। 30 कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इंटर्नशिप के लिए 2024 बैच के इंटर्न भी यहां रह चुके हैं। स्थिति यह है कि 2024 और 2025 बैच के वे इंटर्न, जो इंटर्नशिप पूरी कर कॉलेज से जा चुके हैं, उनमें से लगभग आधे इंटर्स को अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इंटर्न का भी कहना है कि 2-2 महीनों का स्टाइपेंड नहीं मिला है। कॉलेज में कार्यरत 14 ट्यूटरों की स्थिति भी चिंताजनक है, इन्हें पिछले एक से दो माह से वेतन नहीं मिला है। समय पर भुगतान नहीं होने से शिक्षण कार्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जल्द होगा निराकरण

डॉ. शशि गांधी, डीन, सुंदरलाल पटवा मेडिकल कॉलेज ने कहा कि नई जॉइनिंग पर मैपिंग का कार्य होता है, जो कि किया जा रहा है। कॉलेज में अभी अकाउंट का कोई स्थायी प्रभारी नहीं है, इसलिए थोड़ा विलंब हो रहा है। फिलहाल वैकल्पिक प्रभार दे रखा है। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं को सुचारू चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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