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पीएम स्वनिधि में मप्र देश के टॉप राज्यों में: 9.17 लाख वेंडर्स जुड़े, 2030 तक 24 लाख से ज्यादा नए लोन देने का लक्ष्य

PM Street Vendor AtmaNirbhar Nidhi: मध्यप्रदेश में रेहड़ी-पटरी और ठेले पर रोजगार चलाने वाले छोटे व्यापारियों के लिए पीएम स्वनिधि योजना अब एक स्थायी सहारा बनती जा रही है। योजना के तहत राज्य में 9.17 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत हो चुके हैं और इनमें से 14.37 लाख से अधिक लोन सीधे उनके खातों में पहुंच चुके हैं। सिर्फ कर्ज ही नहीं, बल्कि वेंडर्स और उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने के लिए प्रोफाइलिंग पर भी जोर दिया गया है। अब तक 7.45 लाख वेंडर्स और उनके 13.67 लाख परिजनों की प्रोफाइलिंग पूरी हो चुकी है। सरकार ने मार्च 2030 तक लोन वितरण के लिए नए और बड़े टारगेट तय किए हैं। 2030 तक 24 लाख से ज्यादा नए लोन देने का लक्ष्य है। जिससे साफ है कि आने वाले वर्षों में योजना का दायरा और असर दोनों बढ़ने वाले हैं।

हर तीन में दो वेंडर्स तक पहुंचा योजना का पैसा

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पीएम स्वनिधि के तहत मध्यप्रदेश में 17.64 लाख आवेदन पात्र पाए गए थे। इनमें से 14.70 लाख को लोन स्वीकृत किया गया और 14.37 लाख लोन वेंडर्स के खातों में पहुंच चुके हैं। यानी तय लक्ष्य का करीब 64 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। पहले चरण में राज्य के लिए 7.55 लाख लोन का लक्ष्य था, लेकिन योजना के विस्तार के साथ सरकार ने मार्च 2030 तक नया रोडमैप बना दिया है। इसके तहत पहले लोन के लिए 14.41 लाख, दूसरे लोन के लिए 7.20 लाख और तीसरे लोन के लिए 2.16 लाख नए लोन देने की तैयारी है.

उज्जैन से हरदा तक, मप्र को राष्ट्रीय पहचान

पीएम स्वनिधि के बेहतर क्रियान्वयन के चलते मध्यप्रदेश को 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट-इनोवेशन एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज’ का पहला पुरस्कार मिला। उज्जैन नगर निगम और सारणी नगर परिषद को लोन वितरण में बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया, जबकि ‘स्वनिधि से समृद्धि’ श्रेणी में खरगोन नगर निगम को अवॉर्ड मिला। हरदा, शाजापुर, मंडीदीप और शुजालपुर जैसे शहर भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले निकायों में शामिल रहे। इससे साफ है कि योजना का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी इसका फायदा दिख रहा है।

योजना के बारे में सबकुछ, जो आप जानना चाहते हैं

पीएम स्वनिधि योजना का लाभवही स्ट्रीट वेंडर ले सकता है, जो शहर या कस्बे में ठेला, रेहड़ी या फेरी लगाकर रोजगार करता हो और नगर निकाय की वेंडर सूची में शामिल हो। मध्यप्रदेश में आवेदन ऑनलाइन पीएम स्वनिधि पोर्टल या नजदीकी नगर निगम, नगर पालिका और सीएससी केंद्र के जरिए किया जा सकता है। पहले चरण में 10 हजार रुपये तक का ब्याज सब्सिडी वाला लोन मिलता है, समय पर चुकाने पर दूसरा लोन 20 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रुपये तक की सुविधा है।

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