रतलाम जिले के बिरमावल में हुआ 6 गांवों का हिंदू सम्मेलन, हिंदुत्व, समरसता और सांस्कृतिक के रंग में रंगा नजर आया नगर

रतलाम: संघ के शताब्दी वर्ष पर रविवार को नगर में छह गांवों का एक साथ विराट हिंदू सम्मेलन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में हिंदू परिवार एकत्र हुए और पूरा नगर हिंदुत्व, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम स्थल को रंगोली से सजाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रही। वहीं सभी बस्तियों के हिंदूजन के साथ संत भी मौजूद रहे। महिला वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
सम्मेलन में परिवार संस्था की मजबूती, बच्चों में संस्कार निर्माण, सामाजिक समरसता और सेवा भाव को जीवन का अंग बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कारवान समाज की नींव घर से ही पड़ती है और इसमें महिलाओं की भूमिका निर्णायक होती है। पंच परिवर्तन केवल विचारधारा नहीं है, इसे अपनाने से संगठित समाज का निर्माण होता है। समस्त सनातनी परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को समाज जागरण का महाअभियान बना दिया। प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, समाज के प्रतिष्ठित जनों एवं साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने समाज की एकता, राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की भूमिका, सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण, परिवार संस्था की मजबूती, सेवा कार्य, युवा पीढ़ी में राष्ट्रभाव और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। मुख्य वक्ता वंदना जोशी (शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ की शिक्षिका व राष्ट्र सेविका समिति की नगर कार्यवाहिका), प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अंतरसिंह पंवार तथा पंडित बालकृष्ण शास्त्री (कानवन वाले) मुख्य अतिथि रहे।
श्री महादेवा मंदिर पर हुआ विराट हिंदू सम्मेलन
नामली ग्राम पंचेड़ के श्री महादेवा मंदिर पर विराट हिंदू सम्मेलन हुआ। अतिथि के रूप में संत भीमाशंकर शास्त्री (धारियाखेड़ी वाले) ने संस्कृति व सनातन की रक्षा के लिए आह्वान कर आशीर्वचन दिए। मातृ शक्ति के रूप में डॉ. श्वेता विंचुरकर ने अनुशासन, पर्यावरण और नागरिकता पर उद्बोधन दिया। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के ग्राम विकास प्रमुख गिरीश जोशी ने राष्ट्र की चेतना को जगाने और धर्म के कार्य को आगे बढ़ाते हुए हर भारतीय के जीवन में स्वदेशी के उपयोग का संकल्प दिलाया।







