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Application: कमलनाथ ने भगवान महाकाल को कमीशन वाली सरकार के अंत की अर्जी लगाई

उज्जैन 14 अगस्त (इ खबर टुडे/ ब्रजेश परमार )। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सोमवार को भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर दर्शन पूजन किया। इस दौरान उन्होंने पत्र के माध्यम से बाबा महाकाल के समक्ष अर्जी लगाई और भ्रष्टाचार की जननी और 50 फ़ीसदी कमीशन वाली सरकार का अंत करने की प्रार्थना की है।उन्होंने यहां कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहली कैबिनेट महाकाल मंदिर में होगी।

सावन माह के छठे सोमवार पर शाम 4:00 बजे महाकाल मंदिर से बाबा महाकाल की सवारी निकाली गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बाबा महाकाल की सवारी में शामिल हुए। इसके पहले उन्होंने नंदीहाल में बैठकर भगवान महाकाल का पूजन अर्चन किया और महाकाल के चरणों में एक पत्र अर्पित किया। पत्र के माध्यम से प्रार्थना की गई है कि भगवान महाकाल 50 फ़ीसदी कमीशन वाली सरकार का अंत करें । प्रदेश में भ्रष्टाचार की जननी सरकार से बाबा महाकाल मुक्ति दिलाए। आरोप लगाया गया है कि मध्यप्रदेश में रोजाना कोई ना कोई घोटाला हो रहा है । जिसके आम लोग शिकार हो रहे हैं। घोटाले बाजों ने बाबा महाकाल तक को नहीं छोड़ा । प्रदेश सरकार चाह रही है कि 4 महीने बचे हैं जितना समेटना हो समेट लो। मिडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो पहली कैबिनेट महाकाल मंदिर में होगी। बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेंगे तभी आगे सरकार चलेगी। सॉफ्ट हिंदू पर उनका जवाब था कि पूजन अर्चन हमारी भावना है ।

छिंदवाड़ा में 15 साल पहले हनुमान मंदिर बनवाया था। मैं महाकाल मंदिर जाऊं या पूजा-पाठ करूं। भाजपा के पेट में क्यों दर्द होता है। क्या उन्होंने धर्म की एजेंसी ले रखी है। भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार पर कांग्रेस सरकार द्वारा कार्रवाई की जाएगी के सवाल पर उनका जवाब था कि कमलनाथ अब 2018 का मॉडल नहीं है । 2023 के मॉडल है ।सभी प्रकार के भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा भाजपा समर्थकों को राक्षस कहने पर कहा कि ऐसा नही कहा सेंटेंस को कट किया गया है। प्रदेश सरकार की संविदा कर्मी, लाडली बहना, युवा और किसान के हित में चलाई जा रही योजना को लेकर उनका जवाब था कि 18 साल बाद बहनें याद आ रही है । संविदा कर्मी याद आ रहे हैं । किसान याद आ रहे हैं । चार माह बचे हैं जितनी घोषणा करना हो कर दो।

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