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आज से 218 रुपए तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर, अप्रैल में 15 बदलाव

आज 1 अप्रैल है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के महंगे होने से हुई है। सरकारी तेल कंपनियों ने इसके दाम 218 रुपए तक बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अब रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल कर पाएंगे। आज से फास्टैग, टोल टैक्स के साथ इनकम टैक्स से जुड़े नियम मिलाकर कुल 15 बदलाव हो रहे हैं।

कैटेगरी 1: रसोई और सफर

  1. कॉमर्शियल सिलेंडर 218 महंगा

बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 218 रुपए तक महंगा कर दिया है। चेन्नई में ये सबसे महंगा 2246.50 रुपए में मिलेगा। दिल्ली में इसकी कीमत 2078.50 रुपए हो गई है।
असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च बढ़ेगा। ऐसे में वें चाय, नाश्ते और थाली महंगी कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।

घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं

  1. रेल टिकट 8 घंटे पहले तक ही कैंसिल होगी

बदलाव: ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था। यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन भी बदल पाएंगे।
असर: समय पर टिकिट कैंसिल नहीं कर पाने पर पैसों का नुकसान होगा। रिफंड के नियमों को सख्त करने से आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

  1. फास्टैग एनुअल पास

बदलाव: आज से फास्टैग का एनुअल पास रिन्यू कराने पर आपके वॉलेट से ज्यादा पैसे कटेंगे। NHAI ने एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी कर दी है।
असर: सालाना पास के लिए 3 हजार रुपए की जगह 3,075 रुपए चुकाने होंगे। यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने की सुविधा देता है।

  1. टोल पर नो-कैश

बदलाव: आज से सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। टोल टैक्स का पेमेंट केवल फास्टैग या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा।
असर: अगर आपके पास फास्टैग नहीं है या उसमें बैलेंस कम है, तो यूपीआई से ही टोल का ऑप्शन बचेगा। कैश का विकल्प नहीं होने से परेशानी में पड़ सकते हैं।

  1. गाड़ियों की नई कीमतें

बदलाव: 31 मार्च तक पुरानी स्टॉक और पुरानी कीमतों पर गाड़ियां मिल रही थीं। आज 1 अप्रैल से कॉमर्शियल और पैसेंजर गाड़ियों के दाम 2% से 3% तक बढ़ गए हैं।
असर: यदि आपने कार बुक की है लेकिन बिल 31 मार्च तक नहीं कटा, तो अब बढ़ी हुई कीमत देनी होगी। शोरूम प्राइस के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन चार्जेस भी बढ़े हुए दामों पर लगेंगे।
कैटेगरी 2: टैक्स, बैंकिंग और बाजार

  1. ‘असेसमेंट ईयर’ खत्म, अब सिर्फ ‘टैक्स ईयर’

बदलाव: आज से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू हो गया है। अब फाइनेंशियल और असेसमेंट ईयर के बजाय सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ शब्द का इस्तेमाल होगा।
असर: इससे टैक्सपेयर्स के बीच की उलझन खत्म होगी। आपने 2024-25 में पैसा कमाया तो जुलाई 2025 में उसका टैक्स भरते थे। इसे AY 2025-26 कहा जाता था। एक ही कमाई के लिए दो अलग-अलग सालों के नाम सुनकर कंफ्यूजन होता था।

  1. रिवाइज्ड रिजीम के तहत फाइलिंग

बदलाव: साल 2025 में सरकार ने नई रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव किया था। ये 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गया। इस साल इस बदलाव के साथ रिटर्न फाइल कर पाएंगे।
असर: सैलरीड पर्सन की सेक्शन 87A के तहत 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। अन्य लोग 12 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं।

  1. फॉर्म 16 की जगह अब नया फॉर्म 130 और 131

बदलाव: TDS कटौती के सबूत के लिए फॉर्म 16 और अन्य आय के लिए 16A दिया जाता था। अब इन फॉर्म्स का फॉर्मेट बदलकर फॉर्म 130 और फॉर्म 131 कर दिया गया है।
असर: जब जून-जुलाई में रिटर्न भरेंगे तो इन फॉर्म्स में टैक्स कैलकुलेशन और छूट का ब्यौरा पहले से ज्यादा डिटेल में होगा। इससे ITR भरने में गलती की गुंजाइश कम होगी।

  1. HRA टैक्स छूट लेने के नियम बदले

बदलाव: HRA पर टैक्स छूट लेने वाले कर्मचारियों को अब रेंट रसीद जमा करनी होगी। अगर सालाना किराया 1 लाख रुपए से ज्यादा है, तो मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा। अब दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के अलावा बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50% टैक्स छूट वाली कैटेगरी में शामिल कर लिया गया है।
असर: इन 8 शहरों में रहने वाले कर्मचारी अब अपनी बेसिक सैलरी के 50% हिस्से पर टैक्स छूट ले सकेंगे। वहीं अब टैक्स विभाग रसीद और मकान मालिक के टैक्स रिकॉर्ड का मिलान करेगा। पकड़े जाने पर जुर्माना लग सकता है।

  1. PNB ATM कैश लिमिट

बदलाव: पंजाब नेशनल बैंक के क्लासिक डेबिट कार्ड से एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपए निकाल सकेंगे। प्लैटिनम कार्ड के लिए यह लिमिट 50 हजार रुपए होगी।
असर: यदि आपकी जरूरत इससे ज्यादा है, तो आपको बैंक जाना होगा। चेकबुक या विड्रॉल फॉर्म का सहारा लेना होगा। यह फैसला फ्रॉड को रोकने के लिए लिया है।

  1. F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ा

बदलाव: सरकार ने बजट में F&O मार्केट में सट्टेबाजी कम करने के लिए टैक्स की दरें बढ़ाने का ऐलान किया था। फ्यूचर्स की बिक्री पर अब 0.02% की जगह 0.05% टैक्स लगेगा। वहीं, ऑप्शंस के प्रीमियम पर यह टैक्स 0.1% से बढ़ाकर 0.15% हो गया है।
असर: इंट्राडे और फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स के लिए अब हर ट्रेड की लागत बढ़ जाएगी। ज्यादा टैक्स देने से उनकी नेट कमाई कम हो जाएगी। ट्रेड में ब्रेक ईवन पर आने में भी समय लगेगा।

  1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर नया टैक्स नियम

बदलाव: अब गोल्ड बॉन्ड की मैच्योरिटी पर टैक्स छूट केवल उन्हें मिलेगी, जिन्होंने इसे सीधे RBI से खरीदा है। अगर आपने शेयर बाजार से किसी दूसरे निवेशक से ये बॉन्ड खरीदे हैं, तो अब आपको मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर टैक्स देना होगा।
असर: इससे उन लोगों का नेट मुनाफा घट जाएगा जो बाजार से बॉन्ड खरीदकर टैक्स बचाते थे। अब मैच्योरिटी पर मिलने वाले प्रॉफिट को ‘कैपिटल गेन’ माना जाएगा, जिस पर टैक्स कटने के बाद आपके हाथ में आने वाली रकम पहले के मुकाबले घट जाएगी।
कैटेगरी 3: अन्य बड़े बदलाव

  1. बेसिक पे CTC का 50% होने से इनहैंड सैलरी घटेगी

बदलाव: नए लेबर कोड के तहत अब कर्मचारी की ‘बेसिक सैलरी’ उसके कुल पैकेज (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए। कंपनियां भत्तों को 50% से ज्यादा नहीं रख सकेंगी।
असर: इससे इनहैंड सैलरी कम हो सकती है, क्योंकि बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी का हिस्सा बढ़ जाएगा। हालांकि, इसका बड़ा फायदा यह होगा कि आपका रिटायरमेंट फंड (EPF) और ग्रेच्युटी की रकम पहले से ज्यादा बढ़ जाएगी।

  1. फुल एंड फाइनल सेटलमेंट 2 दिन में होगा

बदलाव: अब तक नौकरी छोड़ने पर बकाया पैसा मिलने में 90 दिन तक लगते थे। अब कंपनी को कर्मचारी के आखिरी वर्किंग डे के 2 वर्किंग डेज के भीतर सारा बकाया चुकाना होगा।
असर: नौकरी बदलने वालों को महीनों इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी 2 दिन में पेमेंट नहीं करती है, तो कर्मचारी लेबर विभाग में शिकायत कर ब्याज समेत पैसे की मांग सकता है।

  1. पैन कार्ड अपडेट

बदलाव: पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड को जन्मतिथि के ‘वैध दस्तावेज’ की लिस्ट से हटा दिया गया है। अब आधार को एड्रेस प्रूफ के तौर पर ही लिया जाएगा।
असर: यदि आप नया पैन कार्ड या पुराने कार्ड में जन्मतिथि बदलना चाहते हैं, तो अब आधार के साथ अन्य दस्तावेज देने होंगे। इसमें जन्म प्रमाण पत्र और 10वीं की मार्कशीट शामिल हैं।

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