MP में 2028 तक बनकर तैयार होंगे 6 नए एक्सप्रेस-वे, कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ विकास पकड़ेगा रफ्तार

New Expressway MP: मध्यप्रदेश राज्य में आने वाले समय में नए एक्सप्रेसवे का जाल बिछा हुआ दिखाई देगा। प्रदेश में 2028 तक एक या दो नहीं बल्कि पूरे 6 नए एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो जाएंगे। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब इन एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी तो मजबूत होगी ही होगी साथ ही साथ विकास भी तेज गति से रफ्तार पकड़ेगा। बता दें कि प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने हेतु केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा अभी हाल ही में राज्य को बड़ी सौगात दी गई है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में इन हाईवे के निर्माण हेतु अब कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। 2028 तक बनकर तैयार हो रहे इन नए एक्सप्रेसवे को प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए भी काफी अहम माना जा रहा है।
सागर-विदिशा-कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर खर्च होंगे 16000 करोड़
केंद्र सरकार मध्यप्रदेश राज्य में बनने जा रहे सागर-विदिशा-कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर हजारों करोड़ की राशि खर्च करने जा रही है। इस हाइवे के निर्माण हेतु केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 16000 करोड रुपए की राशि मंजूर की गई है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के लोगों का सफर तो आसान होगा ही होगा, साथ ही साथ राजस्थान राज्य से कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर हो जाएगी।
इंदौर और उज्जैन के बीच बनेगा फोरलेन हाईवे
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए सरकार नए फोरलेन हाईवे का निर्माण करने जा रही है। इस हाइवे के निर्माण हेतु सरकार द्वारा 1370 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। स्पोर्ट लाइन हाईवे के साथ उज्जैन-सिंहस्थ बाईपास का भी विस्तार किया जाएगा। यह फोर लाइन हाईवे प्रदेश के कई जिलों के लोगों का इंदौर का सफर आसान करेगा।
चंबल क्षेत्र को दिल्ली एनसीआर से जोड़ने के लिए बनाया जाएगा अटल प्रगति पथ और एक्सप्रेस-वे
मध्य प्रदेश राज्य में डाकुओं का क्षेत्र चंबल को सरकार दिल्ली एनसीआर से जोड़ने की तैयारी कर रही है। चंबल क्षेत्र को दिल्ली एनसीआर से जोड़ने के लिए सरकार लगभग 12000 करोड़ रुपए की लागत से अटल प्रगति पथ और एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है। अटल प्रगति पथ प्रदेश के बिहार क्षेत्र में विकास के नए दरवाजे खोलने का काम करेगा। इस एक्सप्रेसवे से चंबल क्षेत्र की दिल्ली एनसीआर से कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
569 किलोमीटर लंबा बन जाएगा भोपाल आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य में भोपाल आगरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी देती है। सरकार द्वारा हिस्सा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2028 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस हाईवे की लंबाई 569 किलोमीटर रखी गई है। यह हाईवे प्रदेश के कई जिलों के रहवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने का काम करेगा। सरकार द्वारा इस फोरलेन हाईवे के निर्माण पर करोड़ों रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
भोपाल और व्यावरा के बीच बनाया जाएगा फोरलेन हाईवे
प्रदेश की राजधानी भोपाल और व्यावरा के बीच बनने जा रहे फोरलेन हाईवे को मध्यप्रदेश राज्य के विकास लिए काफी अहम माना जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के सैकड़ो गांव के ग्रामीण का सफर आसान करेगा। भोपाल और व्यावरा के बीच नया हाईवे बनने से वाहन चालकों को भी समय और ईंधन की बचत का लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा भोपाल और व्यावरा के मध्य 106 किलोमीटर लंबी सड़क को 300 करोड़ की लागत से फोरलेन में तब्दील किया जाएगा।
इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर पर खर्च होंगे 350 करोड रुपए
इंदौर शहर में बनने जा रहे एलिवेटेड कॉरिडोर (एबी रोड) पर सरकार लगभग साढे 300 करोड रुपए खर्च करेगी। इस कॉरिडोर के निर्माण से शहर के लोगों को ट्रैफिक से निजात मिलने के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। कॉरिडोर को पहले फोर लाइन बनाने का प्रावधान था लेकिन अब जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए सिक्स लेन बनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में केंद्र सरकार और राज्य की मोहन यादव सरकार द्वारा मिलकर बिछाया जा रहा नए एक्सप्रेसवे का जाल आने वाले समय में राज्य में होने वाले विकास की गति को तेज रफ्तार देने में मदद करेंगे।


































