मध्यप्रदेश

मप्र में तीन साल से पहले बच्चों की यूनिफार्म में बदलाव किया तो स्कूल की मान्यता होगी रद्द, शिक्षा विभाग आदेश किए जारी

MP News: मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। जहां पर निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए फीस व यूनिफार्म को लेकर बड़ा सख्त कदम उठाया है। निजी स्कूल तीन साल तक स्कूल यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे। इसके लिए सभी निजी स्कूल संचालकों को पत्र जारी करके निर्देश दिए जा चुके है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के 150 स्कूलों को निर्देश जारी किए कि प्राइवेट स्कूलों को उन किताबों की सूची जमा करानी है जो नए सत्र में बच्चों को पढ़ाएंगे। जिला शिक्षा विभाग ने इसके लिए 15 फरवरी तक अल्टीमेटम दिया है।

यूनिफॉर्म में बदलाव करने पर रहेगी 3 साल तक रोक

यूनिफार्म में बदलाव करने पर भी तीन साल तक रोक रहेगी। इनका उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर धारा 188 के तहत मान्यता निरस्त करने कार्रवाई की जा निर्देश जारी हो चुके हैं। पालक संघ सहित अभिभावक संगठनों ने बताया कि इस बार भी यही हाल बन सकते हैं। ऐसे में यह केवल रस्म अदायगी शुरू हो चुकी है। यहां तय हुआ कि सकती है। बीते सालों में इस तरह साबित होगा। संघ के सचिव प्रबोध पांड्या ने बताया कि नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा है।

अगली बैठक में पीडब्ल्यूडी के ईएनसी, एनएचएआइ, सड़क यातायात के वरिष्ठ अधिकारी और रोड सेफ्टी के एक्सपर्ट भी मीटिंग में उपस्थित रहें जिससे निर्णय लेने में आ रही बाधाओं को दूर करने में आसानी होगी।

दुकान विशेष से स्कूल की किताबें मिलीं तो दुकान का लाइसेंस होगा रद्द

शिक्षा विभाग ने जारी किए यह निर्देश तीन साल तक स्कूल यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं कर सकेंगे। किताबों, यूनिफार्म पर स्कूल का नाम नहीं होगा। दुकान विशेष से स्कूल की किताबें मिली तो दुकान का लाइसेंस रद्द। परिवहन शुल्क शासन के निर्देश के मुताबिक। 15 फरवरी तक प्रकाशक के नाम के साथ किताबों की सूची जमा कराना होगी।

भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने बताया कि सूची जमा कराने के निर्देश दिए प्राइवेट स्कूलों को किताबों की हैं। इसके साथ उन्हें फीस यूनिफार्म की जानकारी भी देना है। 15 फरवरी इसकी अंतिम समय सीमा है।

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