Neemuch News: 38 केंद्रों पर गेहूं के लिए 7 से शुरू होंगे ऑनलाइन निःशुल्क पंजीयन, इस बार 160 रुपए मिलेंगे ज्यादा

Neemuch News: रबी सीजन में इस बार अच्छी बारिश होने के साथ अब तक मौसम फसलों के अनुकूल रहा है। ज्यादा रोग किसी फसल में नहीं लगे और किसानों ने भी फसल को बचाने के लिए समय पर उपाय किए। ऐसे में नुकसानी के आसार नहीं है। वहीं अच्छी बारिश के कारण गेहूं का रकबा बढ़कर करीब 1 लाख 10 हजार हेक्टेयर है और फसल लहलहा रही है। हालांकि कटाई में डेढ़ महीने का समय है। इस बीच सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया है। प्रदेश सहित नीमच जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय करने वाले किसानों को 7 फरवरी से 7 मार्च तक का समय पंजीयन के लिए दिया है। इस अवधि में किसान अपनी फसल का ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए नीमच जिले में 38 पंजीयन केंद्र बनाए हैं, जहां निःशुल्क पंजीयन होगा। किसान अपने मोबाइल से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। जबकि कियोस्क आदि पर करवाने के लिए 50 रुपए का भुगतान करना होगा।
नीमच जिले में रबी सीजन वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख 10 हजार हेक्टेयर में बुआई हुई है जो कि पिछले साल से करीब 7 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। दो साल से बारिश अच्छी होने से किसानों का रुझान गेहूं की तरफ ज्यादा बढ़ा है। मंडी में भी अच्छे भाव मिल रहे हैं। फिलहाल गेहूं की फसल खेतों में लहलह्य रही है और पकने में एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा।
पिछले साल 2425 रुपए मिले थे, इस बार 2585 रुपए मिलेंगे
इस बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन 7 फरवरी से शुरू होंगे, जो 7 मार्च तक चलेंगे। इसे लेकर प्रदेश के सभी जिलों सहित नीमच जिले में भी तैयारियां शुरू हो गईं। जो निर्देश जारी किए हैं उनके अनुसार जिला प्रशासन तैयारी में जुटा है। किसानों की सुविधा के लिए निःशुल्क व सशुल्क पंजीयन की अलग-अलग व्यवस्था है। साथ ही किसान घर बैठे भी निःशुल्क समर्थन मूल्य हेतु पंजीयन करवा सकते हैं। सशुल्क पंजीयन के लिए किसान को
50 रुपए देने होंगे। इस बार किसानों को गेहूं के 2585 रुपए प्रति क्विंटलमिलेंगे।
पिछले वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए था। केंद्र सरकार ने इस वर्ष 2026-2027 में 160 रुपए की बढ़ोतरी की है। पिछले साल मप्र सरकार ने गेहूं के कम से कम 2600 रुपए प्रति क्विंटल की बात कही थी। ऐसे में इस बार अपना वादा पूरा करने मप्र सरकार करीब 15 रुपए बोनस दे रही है। ऐसे में किसानों को 2600 रुपए क्विंटल मिलेंगे।
आधार नंबर से सत्यापन
किसानों को पंजीयन कराने और उपज बेचने के लिए आधार नंबर से सत्यापन कराना होगा। आधार नंबर से जो मोबाइल नंबर लिंक होगा, ओटीपी उसी पर आएगा। किसान का पंजीयन तभी होगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। यदि इसमें अंतर पाया जाता है तो फिर तहसील कार्यालय से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन में यदि किसान की जानकारी सही पाई जाती है तो फिर पंजीयन को मान्य किया जाएगा।
एसएमएस से देंगे सूचना
शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश में किसानों को एसएमएस करने के भी निर्देश हैं। विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं। उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश हैं। गांव में डोडी पिटवाकर, ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिए हैं।
