इंदौर से उज्जैन के बीच 30 मिनट में पूरा होगा सफर, ग्रीन फील्ड हाइवे का मार्च में शुरू होगा निर्माणकार्य

Indore-Ujjain Greenfield Highway: मध्यप्रदेश राज्य में सरकार इंदौर और उज्जैन के बीच सफर को आसान बनाने हेतु लगभग 2 हजार करोड़ रूपए खर्च करने जा रही है। प्रदेश में बनने जा रहे इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड हाइवे का निर्माण कार्य मार्च महीने में शुरू किया जाएगा। इस हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इंदौर शहर और उज्जैन शहर के बीच का सफर मात्र 30 मिनट का रह जाएगा। इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे (Indore-Ujjain Greenfield Highway) पर पड़ने वाले 20 गांवों के 662 किसानों को मुआवजा के तौर पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपए की राशि पारित की गई है। इन गांवों के किसानों के खातों में इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे के निर्माण हेतु 624.49 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि का भुगतान इसी महीने किया जाएगा।
48 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड हाईवे पर सरकार खर्च करेगी 2000 करोड़ रुपए
मध्य प्रदेश राज्य में इंदौर और उज्जैन के बीच बनाई जा रहे इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर सरकार द्वारा लगभग 2000 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इस हाइवे की लंबाई 48 किमी रखी गई है और हाईवे के निर्माण हेतु किसानों को 649.49 करोड़ रुपए की राशि मुआवजे के तौर पर वितरीत की जाएगी। इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे के निर्माण के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर तकरीबन 30 मिनट में ही पुरा हो जाएगा।
प्रशासन इसी महीने हाइवे की जमीन पर लेगा कब्जा
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड हाइवे के निर्माण हेतु प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इस रोड के निर्माण हेतु विभाग द्वारा अधिग्रहण की राशि अवार्ड कर दी गई है और अब जमीन का कब्जा लेना शेष रह गया है। जानकारी के अनुसार किसानों के खातों में मुआवजे की राशि आवंटित करने के बाद फरवरी महीने के अंत तक जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बता दें कि हाल ही में कलेक्टर शिवम वर्मा अधिकारियों को बैठक के दौरान इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे पर काम जल्द शुरू करने के आदेश दिए थे।
सिंहस्थ से पहले किया जाएगा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण
सरकार द्वारा सिंहस्थ के पहले इस सड़क को बनाने का लक्ष्य है, ताकि सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान लोगों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़े। इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद मौजूदा रोड पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। इस हाईवे पर तीन बड़े फ्लाईओवर के साथ 35 छोटे बड़े ब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य के लिए इस ग्रीन फील्ड हाईवे को औद्योगिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।


























