मध्यप्रदेश

मप्र की 27 लाख महिलाओं के नाम स्वीकृत हुए मकान, 80% का निर्माण कार्य हुआ पूर्ण

MP News: मध्य प्रदेश राज्य में सरकार महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। राज्य में 27 लाख महिलाओं के नाम पर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत मकान स्वीकृत हो चुके हैं। इतना ही नहीं इस योजना के तहत स्वीकृत हुए मकान के निर्माण का 80% काम सरकार द्वारा पूर्ण भी कर लिया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मध्य प्रदेश को 57 लाख 74 हजार 572 घरों का लक्ष्य दिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 52 लाख 24 हजार 441 हितग्राही रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इनमें से 51 लाख 89 हजार 038 घरों की जियो टैगिंग पूरी कर ली गई है।

स्वीकृत आवासों की संख्या 49 लाख 79 हजार 120 तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद अब तक 41 लाख 38 हजार 271 घर ही पूरे हो सके हैं। यानी स्वीकृत और पूर्ण के बीच करीब 8.40 लाख घरों का अंतर बना हुआ है। खास तौर पर महिला हितग्राहियों के मामलों में भी स्वीकृति और पूर्णता के बीच बड़ा गैप सामने आया है। महिलाओं के नाम या संयुक्त रूप से महिलाओं के लिए 27 लाख से ज्यादा आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से करीब 5.30 लाख मकान अब भी अधूरे हैं। महिलाओं ने नाम पर स्वीकृत आवासों में 21.79 लाख मकानों का ही निर्माण हो सका है। यही अंतर जमीनी स्तर पर निर्माण की रफ्तार पर सवाल खड़े कर रहा है।

पंचायत चुनाव वाले साल में लक्ष्य अचानक दोगुना

मप्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में कराए गए थे। वित्तीय वर्ष 2021-22 में PMAY-G के तहत प्रदेश में आवास का लक्ष्य अचानक बढ़ाकर 11.49 लाख कर दिया गया। इसके बाद 2024-25 में भी लक्ष्य 11.89 लाख तक पहुंचाया गया, जबकि चुनाव निकलते ही 2025-26 में लक्ष्य घटाकर 7.85 लाख कर दिया गया। ट्रेंड साफ है कि पंचायत चुनाव के आसपास वाले वर्षों में आवास योजना के लक्ष्य तेज किए गए, जिससे ग्रामीण इलाकों में योजना का चुनावी इस्तेमाल होने का संकेत मिलता है।

100 दिन से ज्यादा अटके 1922 पीएम आवास

प्रदेश में 3249 केस ऐसे हैं जो 0-10 दिन, और 4921 केस 11-17 दिन से सैंक्शन के बाद अगले स्टेज का इंतजार कर रहे हैं। सबसे बड़ा हिस्सा 18 से 71 दिन का है, जहां 2775137 आवास केस इसी स्लैब में फंसे हुए इसके अलावा 71-80 दिन से 200795 केस, 81-90 दिन से 47015 केस और 91-100 दिन से 5804 केस अटके हुए हैं। वहीं 100 दिन से ज्यादा समय से 1922 आवास केस अब भी आगे नहीं बढ़ पाए हैं। हैं।

निर्माण पूर्ण होने पर भी 4.77 लाख को पेमेंट नहीं

मप्र में अब तक 41,39,224 घर पूरे हो चुके हैं। वहीं चौथी किस्त सिर्फ 36,61,917 हितग्राहियों को मिली है। इसका मतलब कि करीब 4.77 लाख ऐसे घर हैं, जिनका निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन उन्हें अब तक फाइनल यानी चौथी किस्त नहीं मिली है। प्रदेश में 48,74,139 मामलों में बैंक खाते वेरिफाइड हैं, इसके बावजूद पूर्ण एवं सत्यापित आवासो की संख्या 41,02,893 है, जो दिखाता है कि कई मामलों में घर पूरे होने के बाद भी वेरिफिकेशन और फाइनल पेमेंट की प्रक्रिया अटकी हुई है।

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