70’s Hindi Song: 4 मिनट 29 सेकंड के इस गाने ने 70 के दशक में मचा दी थी धूम, हेमा मालिनी के लाजवाब अभिनय ने जीत लिया था सबका दिल

Old Superhit Hindi Song: 70 के दशक में रिलीज हुए हेमा मालिनी और राजेंद्र कुमार के सदाबहार गाने को आज भी करोड़ों लोग पसंद करते हैं। जी हां….. हम बात 1972 में रिलीज हुई बॉलीवुड के सुपरहिट गाने (superhit old Hindi song) ‘धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले’ की कर रहे हैं। इस गाने को बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी (Hema Malini) और राजेंद्र कुमार को फिल्माया गया था। 1972 में रिलीज हुई फिल्म “गोरा और काला” के लिए बनाए गए सदाबहार गाने से (evergreen Hindi song) ‘धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले’ का जादू आज भी कम नहीं हुआ है। इस गाने में हेमा मालिनी जी (Hema Malini video song) द्वारा किए गए लाजवाब अभिनय की लोग आज भी खूब तारीफ करते हैं। 70 के दशक में इस गाने (70’s Superhit Hindi Song) ने धूम मचा दी थी। उस दौर में यह गाना हर किसी की जुबान पर छा गया था।
सदाबहार गाना (evergreen old Hindi song) ‘धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले’ 54 वर्षों से बना हुआ है सुपरहिट
हेमा मालिनी और राजेंद्र कुमार (Hema Malini and Rajendra Kumar) पर फिल्माया गया ‘धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले’ सदाबहार गाना (evergreen old song) जितना पसंद 70 के दशक में किया जाता था, उतना ही पसंद इसे आज के दौर में भी किया जा रहा है। यह गाना पिछले 54 वर्षों से लगातार हिंदी संगीत प्रेमियों की हिट लिस्ट में बना हुआ है। आज के दौर में भी इस गाने (old song) को देखने और सुनने वालों की संख्या में किसी प्रकार की कमी नहीं आई है। पुराने संगीत को पसंद करने वाले लोगों द्वारा इस गाने की वीडियो को यूट्यूब पर आज के दौर में भी बार-बार देखा जा रहा है। इस गाने की वीडियो को देखकर लोग हेमा मालिनी के अभिनय और खूबसूरती की खूब तारीफ करते हैं।
स्वर कोकिला लता मंगेशकर और मुकेश ने दी थी इस सदाबहार गाने को आवाज
बॉलीवुड के ऑल टाइम सुपरहिट रहे सदाबहार गाने (evergreen old song) ‘धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले’ को भारत रत्न स्वर कोकिला और मुकेश की मधुर आवाज में हमेशा हमेशा के लिए अमर बना दिया था। यह गाना पिछले 5 दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी हिंदी संगीत प्रेमियों का फेवरेट बना हुआ है। हेमा मालिनी और राजेंद्र कुमार के दमदार अभिनय के साथ लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar song) और मुकेश की सुरीली आवाज का जादू पिछले 54 वर्षों से लगातार इस गाने के माध्यम से लोगों पर बना हुआ है। यह सदाबहार गाना जितना पसंद 70 के दशक (70’s Hindi Song) में किया जाता था उतना ही पसंद आज के दौर में भी किया जा रहा है। इस गाने का दिल को छू लेने वाला संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल (Lakshmikant Pyarelal) जी ने तैयार किया था वह गाने के लिरिक्स आनंद बक्शी जी ने लिखे थे।
