Ratlam News: बकायादारों को समाधान योजना में शिफ्ट कर रही कंपनी, 1821 से 40 लाख वसूले, 3.27 लाख राहत

Ratlam News: समाधान योजना कागजों में भले ही आकर्षक रही हो लेकिन असर सीमित नजर आ रहा है। मुख्य वजह थी कि बकायादार उपभोक्ता योजना से जुड़ने के लिए खुद आगे नहीं आ रहे हैं। न दफ्तर पहुंचने की इच्छा न प्रक्रिया समझने की पहल। नतीजतन योजना धीरे-धीरे प्रभावहीन होती जा रही थी। बकाया राशि जस-की-तस थी। इसे बदलने के लिए बिजली कंपनी ने बकायादारों तक पहुंचकर उनको समाधान योजना में शिफ्ट करना शुरू किया। नतीजा 44.95 फीसदी उपभोक्ताओं से 18 फीसदी बकाया राशि की वसूली हुई। अब तक उपभोक्ता को बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचकर समाधान योजना का लाभ लेना होता था। इस बार रणनीति उलट दी गई। कंपनी के कर्मचारी खुद उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं। बकाया वसूली को अभियान के रूप में लागू करते हुए शहर को 5 हिस्सों में बांटा है। हर हिस्से के लिए एक लाइनमैन और एक लेबर की टीम बनाई है। कुल 5 लाइनमैन और 5 लेबर को लक्ष्य दिए है। प्रत्येक लाइनमैन को रोज 30 उपभोक्ताओं से समाधान योजना के तहत बकाया जमा करवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह पहली बार हुआ जब लाइनमैन को केवल तकनीकी रखरखाव तक सीमित न रखकर वसूली की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बनाया है।
4051 उपभोक्ताओं पर 2 करोड़ 18 लाख रुपए बाकी, दिखा असर
समाधान योजना के तहत कुल 4051 उपभोक्ताओं पर 2 करोड़ 18 लाख रुपए का बकाया था। अब तक 1821 उपभोक्ताओं से 40 लाख 21 हजार रुपए की वसूली की जा चुकी है। इसके साथ ही इन उपभोक्ताओं को योजना के तहत 3 लाख 27 हजार रुपए के सरचार्ज में राहत दी है। उपभोक्ता अमरसिंह सोलंकी ने बताया उनका 4 माह का बिल बकाया था। ऑनलाइन भुगतान के बजाय कर्मचारी ने उन्हें योजना के तहत ऑफलाइन भुगतान करवाया ताकि योजना के नंबर बढ़ें और वसूली भी हो जाए। हालांकि उन्हें सरचार्ज के 25 रुपए का फायदा भी हुआ।
समय-सीमा बढ़ी, दबाव कायम
समाधान योजना का पहला चरण 31 दिसंबर तक निर्धारित था। इसे बढ़ाकर 31 जनवरी कर दिया है। अब दूसरा चरण 1 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें और व्यापक स्तर पर वसूली अभियान चलाने की तैयारी है। कंपनी का फोकस साफ है कि अधिक से अधिक बकायादारों को योजना से जोड़ना और बकाया को व्यावहारिक तरीके से कम करना।
बकायादारों से सीधी राशि जमा कराने के बजाय उन्हें समाधान योजना के अंतर्गत भुगतान के लिए किया जा रहा है प्रेरित
योजना के तहत भुगतान-बिजली कंपनी के एई संजय खरत ने बताया बकायादारों से सीधी राशि जमा कराने के बजाय उन्हें समाधान योजना के अंतर्गत भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसका फायदा दोनों पक्षों को मिल रहा है। उपभोक्ताओं को सरचार्ज में छूट मिल रही है, जबकि कंपनी को लंबे समय से अटकी बकाया राशि वापस मिलने लगी है। यही वजह है कि उपभोक्ता भी योजना को गंभीरता से लेने लगे हैं।















