Success Story: मप्र के राहुल भट्ट बने करोड़ों युवाओं के प्रेरणा स्रोत, 30 देशों में खड़ा किया ‘इंडिया शॉपिंग’ ग्लोबल प्लेटफॉर्म

Success Story Of Rahul Bhatt: मध्य प्रदेश राज्य के रतलाम जिले के छोटे से क्षेत्र जावरा के रहने वाले राहुल भट्ट ने अपने सपनों को उड़ान देने के लिए ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो आज देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। कभी-कभी बड़ी कामयाबी की शुरुआत एक छोटी-सी परेशानी से होती है। विदेश में रहते हुए रतलामी नमकीन और अन्य भारतीय उत्पाद मंगवाने में लगने वाला लंबा समय जावरा निवासी राहुल भट्ट खटकता को था। कई बार हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था तो कई बार स्वाद और गुणवत्ता भी वैसी नहीं रहती थी। यहीं से उनके मन में यह सवाल उठा कि अगर यह परेशानी उन्हें हो रही है तो दुनिया भर में बसे लाखों भारतीयों को भी होती होगी। इसी सोच ने कैलिफोर्निया में रहते हुए एनआरआई राहुल भट्ट को ‘इंडिया शॉपिंग’ नाम का ग्लोबल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू करने के लिए प्रेरित किया। वर्तमान में यह कंपनी भारत के सैकड़ों देशी उत्पाद विदेशों में रह रहे भारतीय ग्राहकों तक पहुंचा रही है। अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, ऑस्ट्रेलिया सहित 30 से अधिक देशों में इसके माध्यम से भारतीय उत्पाद सप्लाई किए जा रहे हैं। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस कंपनी का टर्नओवर लगातार बढ़ रहा है।
लाइसेंस से लेकर कस्टम तक सब कुछ कंपनी संभाल रही
इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह है कि उत्पादकों को किसी तरह की औपचारिकता नहीं निभानी पड़ती। लाइसेंस, पैकेजिंग, कस्टम क्लीयरेंस और इंटरनेशनल शिपिंग की पूरी जिम्मेदारी कंपनी खुद उठाती है। जहां पहले उत्पाद भेजने में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब ऑर्डर 24 से 48 घंटे में डिस्पैच कर दिए जाते हैं और 3 से 5 दिन में डिलीवरी हो जाती है। 75 डॉलर या उससे अधिक के ऑर्डर पर फ्री शिपिंग दी जा रही है जबकि इससे कम ऑर्डर पर वजन और डेस्टिनेशन के आधार पर शुल्क लिया जाता है।
कमीशन-फ्री मॉडल से लोकल बिजनेस को बढ़ावा
कंपनी कमीशन-फ्री मार्केटप्लेस के जरिए लोकल बिजनेस को मजबूत करने के मिशन पर काम कर रही है। फिलहाल गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, दिल्ली-एनसीआर और उत्तरप्रदेश के 24 शहरों से उत्पादों की सप्लाई की जा रही है। 19 शहरों में कंपनी के एक्जीक्यूटिव ऑर्डर का सामान अहमदाबाद और इंदौर पहुंचाते हैं, जहां से फ्लाइट के जरिए विदेश भेजा जाता है। प्लेटफॉर्म पर रतलामी नमकीन, कचौरी, किराना, मसाले, मिठाइयां, स्नैक्स, कपड़े सहित हजारों उत्पाद उपलब्ध हैं।
सरकारी स्कूल में की पढ़ाई, 2010 से कैलिफोर्निया में
जावरा के जवाहर नगर निवासी राहुल भट्ट ने 12वीं तक की पढ़ाई मॉडल स्कूल जावरा से की। इसके बाद एमआईटी से इंजीनियरिंग की। पुणे और दिल्ली में काम करने के बाद वर्ष 2010 में वे कैलिफोर्निया चले गए। उनके पिता जगदीश भट्ट एमपीईबी से सेवानिवृत्त हैं। जावरा और रतलाम में उनके कई रिश्तेदार रहते हैं। राहुल भट्ट का कहना है कि स्टार्टअप के लिए न तो बड़ी पूंजी जरूरी है और न ही बड़े शहर में होना। रोजमर्रा की समस्या को समझकर उसका समाधान ढूंढ लिया जाए तो वही एक मजबूत और सफल बिजनेस मॉडल बन सकता है।


































