मप्र और राजस्थान को जोड़ने वाले चंबल पुल का काम फिर हुआ शुरू, 7 दिन बाद राजस्थान की ओर से तेज हुई गतिविधियां

Chambal Overbridge Update: वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाले धतुरिया स्थित चंबल पुल का निर्माण कार्य फिर शुरू हो गया है। 7 दिन बंद रहने के बाद राजस्थान के कुंडला क्षेत्र की ओर से काम दोबारा प्रारंभ किया गया। इससे क्षेत्रवासियों में पुल निर्माण को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। हाल ही में अधीनस्थ ठेकेदार ने काम रोक दिया था व मशीनें हटा ली थीं।
धतुरिया स्थित चंबल पुल वर्ष 2019 में चंबल नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण टूट गया था। इसके बाद से लगातार पुल निर्माण की मांग उठती रही लेकिन कई बार टेंडर निरस्त होने से काम अटका रहा। अब इंदौर की कल्याण इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ठेका मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया। 22 फरवरी को विधायक हरदीपसिंह डंग ने भूमिपूजन कर काम प्रारंभकराया था, लेकिन एक महीने में ही निर्माण बंद हो गया। इस पर भास्कर ने प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की थी। इसके बाद सेतु विकास निगम की निगरानी में राजस्थान की ओर से कार्य दोबारा शुरू कराया गया।
नदी का जलस्तर बढ़ जाता है 5 से 7 फीट तक
हर वर्ष क्षिप्रा नदी और कालीसिंध के ऊपरी बांधों से किसानों की मांग पर पानी छोड़ा जाता है, जो चंबल नदी में आता है। इससे पुल स्थल पर नदी का जलस्तर 5 से 7 फीट तक बढ़ जाता है। ऐसे में मिट्टी का डेम बनने से पानी का स्टॉक यहीं रहेगा और जून में बहाव बढ़ने पर काम प्रभावित हो सकता है। सेतु विकास निगम के प्रवीण नरवरे ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है और अब बंद नहीं होगा। वहीं कंपनी के साइट सुपरवाइजर आशीष कुमार ने कहा कि 30 ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों से लगातार काम किया जा रहा है।
पाइल फाउंडेशन तकनीक से होगा पिलरों का काम
वर्तमान में 30 से अधिक ट्रैक्टरों से चंबल नदी में मिट्टी डालकर कॉपर डेम बनाया जा रहा है। इसे 7 दिन में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद पुराने पिलर स्ट्रक्चर को तोड़ा जाएगा और रोलर से मिट्टी दबाकर डेम को मजबूत किया जाएगा। इसके बाद नए पुल निर्माण के पिलरों का काम पाइल फाउंडेशन तकनीक से शुरू होगा। मार्च पूरा हो चुका है और अप्रैल-मई का समय शेष है, लेकिन धरातल पर काम धीमा नजर आ रहा है। 40 करोड़ से अधिक की लागत वाले इस पुल में 10 पिलर खड़े किए जाने हैं। सेतु विकास निगम और ठेकेदार का दावा है कि बारिश से पहले पिलर खड़े कर दिए जाएंगे, लेकिन एक माह 5 दिन में कंपनी मिट्टी का डेम भी पूरा नहीं बना पाई है। अभी तक सीमेंट, रेत, गिट्टी, बालू, सरिया जैसी निर्माण सामग्री साइट पर नहीं पहुंची है। इससे समय पर काम पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं।


















































