Ratlam News: रतलाम के बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 1.34 करोड़ ठगी मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 3 हुए गिरफ्तार

Ratlam News: रतलाम के बुजुर्ग दंपती को 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 1.34 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में पुलिस ने 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक आरोपी असम का, दूसरा पंजाब का और तीसरी एक युवती जम्मू-कश्मीर की है। इस मामले में अब तक इनके समेत 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो जेल में हैं।
डीडी नगर थाना क्षेत्र निवासी रिटायर्ड प्रोफेसर के पास 15 नवंबर को अज्ञात नंबरों से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए दंपती को डिजिटल अरेस्ट किया था। उसने रिटायर्ड प्रोफेसर को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए डराया और फिर बेटे को गोली मार देने की धमकी देकर 15 नवंबर से 12 दिसंबर तक पूरे 28 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्होंने अपने अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए डलवा लिए। इस मामले में 30 दिसंबर 2025 को पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह और बाकी को रिमांड पर लेने के बाद जेल भेजा गया। इन आरोपियों के खातों में रुपए जमा हुए थे। इनसे पूछताछ करने के साथ ही इनके मोबाइल से जानकारी निकालकर 2 आरोपियों को पकड़ा और अब 3 आरोपियों के साथ इस केस से जुड़े कुल आरोपियों की संख्या 15 हो गई है।
आरोपियों ने वीडियो कॉल कर दिखाए थे कोर्ट व थाने के सीन
बुजुर्ग दंपती को डराने के लिए आरोपियों ने डिजिटल डिजिटल अरेस अरेस्ट के दौरान सिग्नल एप से वीडियो कॉल कर कोर्ट व थाने के सीन दिखाए थे। आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को इतना डरा दिया था कि वे डिजिटल अरेस्ट के दौरान बाहर भी जाते तो उनसे पूछकर जाते थे। इस बीच उनके कनाडा में रह रहे बेटे जिसे मारने की धमकी दी थी उसने भी कई बार कॉल कर इनसे बड़ी रकम बैंक से निकालने के बारे में पूछा लेकिन इन्होंने कुछ नहीं बताया। 13 दिसंबर को इनका बेटा कनाडा से अचानक रतलाम पहुंचा तो डिजिटल अरेस्ट के बारे में पता चला। इसके बाद वह एसपी अमित कुमार के पास पहुंचा। एसपी कुमार ने तत्काल साइबर टीम के साथ थाने व अपनी टीम को सक्रिय किया और 18 सदस्यीय एसआईटी गठित की। आखिर में सभी ने मिलकर डिजिटल अरेस्ट के आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी पाई। इन तीनों आरोपियों की भूमिका से साफ है कि यह एक संगठित, अंतरराज्यीय एवं तकनीकी रूप से संचालित साइबर गिरोह है। टीआई अनुराग यादव ने बताया कि इससे जुड़े और भी आरोपियों के बारे में पता किया जा रहा है। जिनके नाम पता चले हैं उनकी तलाश में दूसरे राज्यों में टीम भेजी है। तीनों आरोपियों का 24 जनवरी तक का रिमांड लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में टीआई अमित कोरी, लिलियन मालवीय, एसआई जीवन बरिया, प्रवीण वास्कले, आरक्षक तुषार सिसौदिया, मोरसिंह डामोर, पवन जाट की भूमिका रही।
डिजिटल अरेस्ट में 3 राज्यों के आरोपी शामिल
- मोहन (27) पिता रुघनाथ काबरा। यह मोहाली (पंजाब) का रहने वाला है। इसने पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी अमरेंद्र मौर्य (34) निवासी गोरखपुर के साथ मिलकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए थे। इसने अमरेंद्र को कमिशन का लालच देकर उसके खाते का उपयोग ठगी के रुपए ट्रांजेक्शन करने में किया। मोहन ने अमरेंद्र व अन्य खातों के माध्यम से फ्रॉड के करीब 2 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन करवाया।
- सुरेश (37) पिता गणेश रजक निवासी धुलिया जान जिला डिब्रूगढ़ (असम)। यह अमरेंद्र के साथ कमिशन पर खाता देने के लिए गुवाहाटी गया था।
- सिमरन (30) पिता स्वामीप्रसाद शर्मा निवासी अखनूर जिला जम्मू (जम्मू-कश्मीर)। यह गिरफ्तार हो चुके आरोपी शानू के साथ मिलकर ठगी के रुपए अपने खाते से आगे ट्रांसफर करती थी। वाट्सएप के जरिए एपीके फाइल भेजकर फ्रॉड करती थी।
मामले से जुड़े हर आरोपी को पकड़ेंगे
रतलाम जिले के एसपी अमित कुमार ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट से जुड़े हर आरोपी को पकड़ा जाएगा। इसके लिए लगातार लिंक निकाली जा रही है। वहीं लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है ताकि वे साइबर ठगी से बचें। इसका में हमारी पूरी टीम जुटी हुई है।


















































